बच्चा है पढ़ाई में कमजोर, तो बसंत पंचमी के दिन करें ये एक उपाय, कुछ ही दिनों में दिखेगा असर

हिन्दू धर्म में देवी सरस्वती को विघा की देवी माना जात है। पंचांग के अनुसार बसंत माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का त्यौहार मनाया जाता है इस दिन देवी सरस्वती का जन्मदिन भी मनाया जाता है। बसंत का त्योहार पतझड़ के जाने का व बसंत ऋतु के आगमन की खुशी में भी मनाया जाता है।

बसंत पंचमी

बसंत पंचमी 9 फरवरी की दोपहर 12 बजकर 25 मिनट से पंचमी तिथि शुरु हो रहा है, जो कि अगले दिन 10 फरवरी की दोपहर 2 बजकर 8 मिनट तक पंचमी तिथि रहेगी। इस बार पंचमी तिथि रविवार के दिन है, इसके साथ ही रवि सिद्धि योग व अबूझ नक्षत्र भी बन रहा है। बसंत पंचमी के दिन को अत्यंत शुभ माना जाता है। बसंत पंचमी की सुबह 6 बजकर 40 मिनट से दोपहर 12 बजकर 12 मिनट तक का समय पूजा के लिए शुभ माना जाता है।

मां सरस्वती पूजा

बसंत पंचमी के दिन देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। विद्या और ज्ञान की देवी को इस दिन प्रसन्न करने के लिए देवी सरस्वती के नाम का व्रत किया जाता है। विद्यार्थियों को देवी सरस्वती की पूजा करने से पढाई में सफलता मिलती है। देवी सरस्वती की पूजा के लिए इन उपायों को अवश्य करें।

विद्या की देवी को प्रसन्न करने के लिए विद्यार्थियों को किताब में मोरपंख रखना चाहिए। बसंत पंचमी के दिन अपनी किताबों/पुस्तकों में मोर पंख रखने से देवी खुश होती हैं।

बच्चा पढ़ाई में कमजोर है तो बसंत पंचमी के दिन ब्राह्मी, शंखपुष्पी या मेधावटी देना शुरू करें ऐसा करने से बच्चे की बुद्धि तेज होती है।
बच्चे को वाणी में दिक्कत आ रही है या उसे बोलने में परेशानी हो रही हो तो बसंत पंचमी के शुभ दिन बांसुरी के छेद से शहद भरकर उसे मोम से बंद कर जमीन में गाड़ दें ऐसा करने से वाणी संबंधी परेशानी का अंत होता है।

Back to top button