फैटी लिवर डैमेज को रिवर्स करने के लिए करें ये 5 काम

फैटी लिवर (Fatty Liver) आज एक आम समस्या बन गया है। खराब डाइट की वजह से युवाओं में इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इस कंडिशन में लिवर में फैट जमा होने लगता है, जिसके कारण उसका आकार बढ़ जाता है। हालांकि, अच्छी बात यह है कि दवाएं और लाइफस्टाइल में कुछ सुधार करके फैटी लिवर की समस्या को ठीक कर सकते हैं।

फैटी लिवर को शुरुआती स्टेज में अगर ठीक कर लिया जाए, तो लिवर डैमेज होने से रोका जा सकता है। आइए जानें कैसे फैटी लिवर के शुरुआती स्टेज में लिवर डैमेज को रोका (Tips to Prevent Liver Damage) जा सकता है।

डाइट में सुधार
आपकी डाइट सीधे आपके लिवर के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। शुरुआती स्टेज में डाइट में सुधार करना फैटी लिवर से लड़ने का सबसे शक्तिशाली हथियार है।

शुगर और रिफाइंड कार्ब्स से परहेज- सॉफ्ट ड्रिंक्स, मिठाइयां, पैकेट वाले जूस, मैदा और व्हाइट ब्रेड जैसी चीजों से परहेज करें। ये शरीर में तेजी से फैट के रूप में जमा होते हैं।
हेल्दी फैट्स को शामिल करें- ऑलिव ऑयल, एवोकाडो, नट्स और फैटी फिश (सालमन, मैकेरल आदि) में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड सूजन को कम करने और लिवर की फैट को घटाने में मदद करते हैं।
हरी सब्जियां और फाइबर- पालक, ब्रोकली, भिंडी, गाजर जैसी सब्जियां और ओट्स, दालें जैसे फाइबर से भरपूर फूड्स डाइजेशन को दुरुस्त रखते हैं और वजन कम करने में मदद करते हैं।

नियमित एक्सरसाइज
वजन कम करना फैटी लिवर के इलाज के लिए काफी जरूरी है। केवल 5-10% वजन कम करने से भी लिवर की फैट में काफी कमी देखी जा सकती है।

एरोबिक एक्सरसाइज- ब्रिस्क वॉकिंग, दौड़ना, स्विमिंग, साइकिलिंग जैसी कार्डियो एक्सरसाइज कैलोरी बर्न करने और लिवर की फैट घटाने में बेहद असरदार हैं। हफ्ते में कम से कम 150 मिनट की मॉडिरेट एक्सरसाइज करें।
स्ट्रेंथ ट्रेनिंग- वजन उठाने जैसी एक्सरसाइज मांसपेशियों का निर्माण करते हैं, जो मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाते हैं और इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार करते हैं।

शराब न पिएं
शराब फैटी लिवर की सबसे बड़ी वजह है। अल्कोहल सीधे लिवर के सेल्स को नुकसान पहुंचाती है और सूजन को बढ़ावा देती है। इसलिए फैटी लिवर से बचने के लिए शराब से पूरी तरह परहेज करें।

ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल पर कंट्रोल
फैटी लिवर अक्सर इंसुलिन रेजिस्टेंस, डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी कंडिशन के साथ जुड़ा होता है। अगर आपको डायबिटीज या प्री-डायबिटीज है, तो डॉक्टर की सलाह से ब्लड शुगर को कंट्रोल करना जरूरी है। इससे लिवर पर ज्यादा दबाव कम होगा। हाई ट्राइग्लिसराइड्स और बैड कोलेस्ट्रॉल लिवर में फैट बढ़ाते हैं। हेल्दी डाइट और एक्सरसाइज से इन्हें कंट्रोल किया जा सकता है।

नियमित जांच और डॉक्टर से सलाह
शुरुआती स्टेज में फैटी लिवर अक्सर बिना लक्षणों के होता है। इसलिए नियमित जांच करवाना और डॉक्टर के संपर्क में रहना बेहद जरूरी है।

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