प.बंगाल का ये हिल स्टेशन देखने पहुंचती है पूरी दुनिया, मार्च में आप भी बनाएं घूमने का प्लान

पश्चिम बंगाल का हिल स्टेशन दार्जलिंग पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है। यहां सभी मौसम में अधिक संख्या में पर्यटक घूमने के लिए आते रहते हैं। यहां मौजूद हरे भरे चाय के बागान, बर्फ से ढकी कंचनजंगा, बुद्धिस्ट मोनैस्ट्रीज व हेरिटेज टॉय ट्रेन लोगों को आने पर मजबूर करते हैं। अगर आप गर्मी का मौसम पहाड़ों के बीच बिताने को सोच रहे हैं तो दार्जलिंग आपके लिए बेहतरीन डेस्टिनेशन में से एक है। आइए जानते हैं आखिर क्यों गर्मी के लिए दार्जलिंग बेहतरीन ऑप्शन में से एक है। 

दार्जलिंग आकर आप यहां टाइगर हिल, बतासिया लूप, विक्टोरिया जलप्रपात, रॉक गार्डन, नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम, चाय के बागान व सुखिया पोखरी जैसी जगह घूम सकते हैं। दर्जिलिंग की सबसे पसंदीदा टूरिस्ट प्लेस टाइगर हिल है। यह एक ऐसी जगह है जहां से खड़े होकर आप पूरे दर्जिलिंग की सारी खूबसूरती को आप अपनी आंखों में कैद कर सकते हैं। यहां से सनराइज देखना आपकी लाइफ का सबसे सुंदर अवसर हो सकता है।
हैप्पी वैली टी-इस्टेट
Happy Valley Tea Estate एक चाय का बागान है। यह जगह 2100 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और 440 एकड़ में फैला हुआ है। इसीक स्थापना साल 1854 में की गई थी और इस बागान की सबसे खास बात यह है कि Happy Valley Tea Estate दुनिया सबसे पुराना चाय का बागान है।
Happy Valley Tea Estate एक चाय का बागान है। यह जगह 2100 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और 440 एकड़ में फैला हुआ है। इसीक स्थापना साल 1854 में की गई थी और इस बागान की सबसे खास बात यह है कि Happy Valley Tea Estate दुनिया सबसे पुराना चाय का बागान है।
जापानी मंदिर
भारत में कुल 6 शांति स्तूप हैं और यह बौद्ध मंदिर उन्हीं में से एक है। महात्मा गांधी के मित्र फूजी गुरु विश्व में सांति लाने के लिए इस स्तूप की स्थापना की थी। इस मंदिर का निर्माण कार्य 1972 में शुरू हुआ था और 1992 में इसे आम लोगों के लिए खोला गया।
भारत में कुल 6 शांति स्तूप हैं और यह बौद्ध मंदिर उन्हीं में से एक है। महात्मा गांधी के मित्र फूजी गुरु विश्व में सांति लाने के लिए इस स्तूप की स्थापना की थी। इस मंदिर का निर्माण कार्य 1972 में शुरू हुआ था और 1992 में इसे आम लोगों के लिए खोला गया।
दार्जलिंग रोप-वे
दार्जलिंग रोप-वे को साल 1968 में शुरू किया गया था। लेकिन 4 अक्टूबर 2003 में इसे बंद कर दिया गया। इसके बाद फिर साल 2012 से दार्जलिंग रोप-वे को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया। इस रोप-वे में सफर करते हुए आप झरने, पहाड़, चाय के बागान इन सब का लुत्फ उठा सकते हैं।
दार्जलिंग रोप-वे को साल 1968 में शुरू किया गया था। लेकिन 4 अक्टूबर 2003 में इसे बंद कर दिया गया। इसके बाद फिर साल 2012 से दार्जलिंग रोप-वे को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया। इस रोप-वे में सफर करते हुए आप झरने, पहाड़, चाय के बागान इन सब का लुत्फ उठा सकते हैं।
दार्जलिंग जाने के लिए सही समय
गर्मियों का महीना अप्रैल से जून के बीच दार्जलिंग जाने के लिए सबसे बेस्ट माना जाता है क्योंकि इस दौरान दार्जलिंग में बहुत ज्यादा गर्मी नहीं पड़ती है और मौसम सुहावना रहता है। गर्मी के मौसम में भी दार्जलिंग का औसत तापमान 25 डिग्री के आसपास रहता है।
गर्मियों का महीना अप्रैल से जून के बीच दार्जलिंग जाने के लिए सबसे बेस्ट माना जाता है क्योंकि इस दौरान दार्जलिंग में बहुत ज्यादा गर्मी नहीं पड़ती है और मौसम सुहावना रहता है। गर्मी के मौसम में भी दार्जलिंग का औसत तापमान 25 डिग्री के आसपास रहता है।





