प्रदूषण घटाने के लिए सीएम रेखा गुप्ता का नया प्लान, कहा- निजी ईवी को बना सकेंगे टैक्सी

मुख्यमंत्री ने साफ किया कि निजी ईवी को टैक्सी के रूप में चलाने के लिए नियमों में बदलाव किया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वाहन निर्माता और ओला-ऊबर जैसी एग्रीगेटर कंपनियों के साथ शुक्रवार को बैठक के बाद यह जानकारी दी।
राजधानी में प्रदूषण कम करने और परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने रोडमैप तैयार करना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि निजी ईवी को टैक्सी के रूप में चलाने के लिए नियमों में बदलाव किया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वाहन निर्माता और ओला-ऊबर जैसी एग्रीगेटर कंपनियों के साथ शुक्रवार को बैठक के बाद यह जानकारी दी।
शुक्रवार को सचिवालय में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने कंपनी के संचालकों के साथ ईवी चार्जिंग स्टेशन, सोलर एनर्जी, बैटरी वेस्ट मैनेजमेंट, शेयर टैक्सी और शटल सेवाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों पर वाहनों की संख्या कम किए बिना प्रदूषण पर काबू पाना संभव नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा, दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण को स्थायी रूप से कम करने के लिए सरकार हर जरूरी नीति, तकनीक और साझेदारी के साथ आगे बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने कंपनियों से कहा कि वे स्पष्ट प्लान लेकर आएं कि कब तक दिल्ली में ईवी की मांग के अनुरूप आपूर्ति दे पाएंगे। वाहनों की कीमतें ऐसी हों कि आम लोग आकर्षित हों। सरकार राहत देने को तैयार है, लेकिन कंपनियों को भी उपभोक्ताओं को लाभ देना होगा।
सरकार सहूलियत देने को तैयार
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नियमों को लचीला बनाने और सहूलियत देने को तैयार है, ताकि लोग ईवी खरीदने और साझा परिवहन अपनाने के लिए प्रेरित हों। बैठक में परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह, परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, टाटा मोटर्स, महिंद्रा, मारुति सुजुकी, टोयोटा, होंडा जैसी वाहन कंपनियों और ओला, ऊबर, रैपिडो जैसी एग्रीगेटर कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
सोलर चार्जिंग और बैटरी वेस्ट पर भी मंथन
वाहन कंपनियों ने कहा कि ईवी को पूरी तरह अपनाने के लिए मजबूत चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और जनहितैषी ईवी नीति जरूरी है। उन्होंने चार्जिंग स्टेशन लगाने और नेटवर्क विस्तार के लिए कुछ राहत की मांग रखी। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चार्जिंग स्टेशन के लिए जमीन देने को तैयार है, लेकिन कंपनियों को सोलर एनर्जी के जरिए चार्जिंग की संभावनाएं भी तलाशनी होंगी। उन्होंने साफ कहा कि बैटरी वेस्ट का निपटान भी कंपनियों की जिम्मेदारी होगी, ताकि प्रदूषण का नया खतरा न खड़ा हो।
एक महीने के भीतर शेयर टैक्सी
बैठक में शेयर टैक्सी पर सहमति बनी। कंपनियों ने कहा कि वे एक माह के भीतर शेयर टैक्सी और महिला ड्राइवर वाली टैक्सियां शुरू कर देंगी। उन्होंने निजी ईवी और बीएस-6 वाहनों को टैक्सी के रूप में अपने प्लेटफॉर्म से जोड़ने की भी इच्छा जताई, जिसके लिए नियमों में बदलाव जरूरी बताया। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि यह बदलाव जल्द किए जाएंगे, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।
रिंग रोड और हवाई अड्डा शटल जल्द
मुख्यमंत्री ने एग्रीगेटर कंपनियों से ई-रिक्शा को भी अपने प्लेटफॉर्म से जोड़ने की संभावनाएं तलाशने को कहा। इसके अलावा रिंग रोड शटल और हवाई अड्डे तक शटल सेवाएं शुरू करने पर भी विचार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सुझाव दिया कि पहले पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इन सेवाओं को शुरू किया जाए, ताकि उनकी उपयोगिता का आकलन किया जा सके।





