पुलिस ने कड़ी सुरक्षा में परिजनों को सौंपा आनंदपाल का शव, रविवार को हो सकता है अंतिम संस्कार

जयपुर। आनंदपाल का शव आखिरकार शनिवार को उसके परिजनों को सौंप दिया गया। आनंदपाल का शव उसके नागौर स्थित गांव सांवराद में परिजनों को कड़ी सुरक्षा में सौंपा गया। एनकाउंटर में ढेर हुए इस गैंगस्टर का अंतिम संस्कार अब रविवार को हो सकता है। परिजनों ने आनंदपाल के जेल में बंद भाइयों की बेल एप्लीकेशन लगाई है। वहीं आनंदपाल की दुबई में पढ़ रही बेटी के आने का इंतजार है। इसके बाद ही अंतिम संस्कार होगा। इससे पहले कोर्ट के आदेश पर उसके शव का शुक्रवार को दोबारा पोस्टमार्टम किया गया था। जानिए अब आगे क्या …
पुलिस ने कड़ी सुरक्षा में परिजनों को सौंपा आनंदपाल का शव, रविवार को हो सकता है अंतिम संस्कार
– पुलिस ने कड़ी सुरक्षा में आनंदपाल का शव उसकी बेटी योगिता व मामा अमर सिंह को सौंप दिया।
– आनंदपाल के दाह संस्कार में उसके भाई मनजीत सिंह, रूपेंद्रपाल सिंह व देवेंद्रपाल सिंह उर्फ गट्‌टू की अंतिम संस्कार में मौजूदगी के लिए परिजनों ने कोर्ट में बेल एप्लीकेशन लगाई है। साथ ही आनंदपाल की दुबई में पढ़ रही बेटी चीनू के आने का इंतजार है। उसके बाद ही शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
– वहीं आनंदपाल के गांव सांवराद में चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवान तैनात हैं। चूरू जिले व नागौर के सांवराद में धारा 144 लगी है। लाडनूं, डीडवाना सहित आधे नागौर, चूरू व सीकर में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है।
– अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि आनंदपाल के परिजनों व प्रशासन के बीच क्या बात हुई। क्या प्रशासन ने परिजनों की मांगें मान ली हैं।

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दोबारा हुआ पोस्टमार्टम
– आनंदपाल के शव का रतनगढ़ एडीजे कोर्ट के आदेश पर चूरू के भरतिया अस्पताल में तीन डॉक्टरों के मेडिकल बोर्ड ने शुक्रवार को दोबारा पोस्टमार्टम किया। इसके लिए आनंदपाल की मां ने याचिका लगाई थी। आनंदपाल के परिजन सीबीआई जांच सहित 7 अन्य मांगों को लेकर शव नहीं लेने पर अड़े थे। पुलिस ने शनिवार को परिजनों को शव लेने के लिए दूसरा नोटिस जारी किया था। इससे पहले बुधवार को भी पुलिस ने नोटिस दिया था।
 
सीएम को भेजे मांगपत्र में यह हैं मांगें
– आनंदपाल एनकाउंटर की जांच सीबीआई से कराई जाए।
– आनंदपाल के दाह संस्कार में शामिल होने के लिए आ रहे समाज के लोगों को पुलिस झूठे मुकदमों में फंसा रही है। उन्हें छोड़ा जाए।
– ढाई साल पहले बीकानेर जेल में बंद आनंदपाल पर की गई फायरिंग की सीबीआई जांच कराई जाए।
– आनंदपाल की बेटी व अन्य परिजनों पर मुकदमे दर्ज कर जेलों मेें ठूसने के साथ ही भय का वातावरण बनाया जा रहा है जिसे रोका जाए।
– आनंदपाल के दाह संस्कार में उसके भाई मनजीत सिंह, रूपेंद्रपाल सिंह व देवेंद्रपाल सिंह उर्फ गट्‌टू की मौजूदगी सुनिश्चित की जाए। ऐसा इसलिए क्योंकि हिंदू रीति रिवाज के अनुसार आनंदपाल बड़े भाई के साथ पिता का भी दर्जा रखता था।
– एनकाउंटर में आनंदपाल की मौत के दोषी पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
मांग पत्र में लिखा है कि उपरोक्त बिंदुओं पर विचार कर उचित निर्णय किया जाए ताकि आनंदपाल का अंतिम संस्कार किया जाए।
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