पीएम के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में प्रियंका गांधी को लेकर चिपकाए गए ‘पोस्टर’

अब तक राहुल गांधी की सलाहकार की भूमिका में रहीं प्रियंका गांधी के सक्रिय राजनीति में आते ही हर कांग्रेसी उन्हें वाराणसी से चुनाव लड़ाने की मांग करने लगा है। युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शहर में जगह-जगह पोस्टर चिपकाए।पीएम के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में प्रियंका गांधी को लेकर चिपकाए गए 'पोस्टर'

पोस्टर पर लिखा है ‘काशी की जनता करे पुकार, प्रियंका गांधी हों सांसद हमार’ , वी वांट प्रियंका। पोस्टर को दीवारों पर चस्पा करने वाले यूथ कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राघवेंद्र चौबे ने बताया कि हम चाहते हैं कि वह वाराणसी से चुनाव लड़ें और देश में बदलाव लाएं।

इस बीच कांग्रेस के जिला अध्यक्ष प्रजानाथ शर्मा और महानगर अध्यक्ष सीताराम केसरी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर फैसले के लिए बधाई दी है। साथ ही उन्होंने प्रियंका को वाराणसी से उम्मीदवार बनाने की मांग की है।

पूर्वांचल में डगर आसान नहीं

सूबे में अमेठी और रायबरेली संसदीय सीट पर सिमट चुकी कांग्रेस में प्रियंका की नई भूमिका से नरेंद्र मोदी के इर्द-गिर्द बह रही राजनीतिक बयार में बदलाव की आहट के बावजूद कांग्रेस के लिए पूर्वांचल की डगर आसान नहीं होगी।

दरअसल, पूर्वांचल में कुर्मी और राजभर दो ऐसी जातियां हैं, जो चुनाव परिणाम पर असर डालती हैं। भाजपा ने 2014 में इन दोनों जातियों के स्थानीय क्षत्रपों को साथ ला कर न केवल मतों का बिखराव रोका बल्कि सूबे की सियासत में नए जातीय समीकरण को साधा था। हालांकि इन दिनों भाजपा के अद (एस) और सुभासपा से रिश्ते पहले जैसे नहीं हैं।

सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर भाजपा से नाराज हैं, जबकि अद (एस) भी 2019 के चुनाव में सीटों को लेकर भाजपा पर दबाव बनाए हुए है। ऐसे में टीम प्रियंका इसका सियासी फायदा लेने से चूकना नहीं चाहेगी।

जानकार मान रहे हैं कि  अगर प्रियंका बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने के साथ ही भाजपा से नाराज चल रहे ब्राह्मणों व अगड़ी जातियों को अपने पाले में लाने में कामयाब हो गईं तो सपा-बसपा गठबंधन के परंपरागत दलित-मुस्लिम वोट बैंक में सेंधमारी भी कर सकेंगी।

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