पालतू जानवरों की कुछ इस तरह कीजिए केयर, नहीं करेंगे कभी जानलेवा हमला

नई दिल्ली.उत्तरकाशी के भटवाड़ी में मौजूद है नाल्ड गांव, जहां गुरुवार सुबह भालू ने एक व्यक्ति को बुरी तरह घायल कर दिया। जिसे नार्मल हैल्थ ट्रीटमेंट देकर हायर सेंटर देहरादून में रैफर किया गया। दरअसल, यह पहली घटना नहीं है जब किसी भालू ने हमला किया हो। सिर्फ जंगली जानवर ही हमला करें ऐसा बिल्कुल नहीं है। पालतू जानवर भी हमला कर सकते हैं।ऐसे में उनसे कुछ इस तरह बचा जा सकता है…

यहां के लोग देते थे डॉग्स को सम्मान
– प्राचीन मिस्र में फिरौन के दिनों में डॉग्स को पवित्र मानते थे और लोग डॉग्स की पूजा करते थे।
– 1982 और 2013 के बीच, कनाडा और संयुक्त राज्य अमेरिका में डॉग्स ने 466 लोगों को मार गिराया। इस दौरान 4,100 से ज्यादा डॉग्स के हमले हुए थे, जिसके बाद 2,400 से अधिक मामलों में मलमिंग का मामला दर्ज हुआ था।
– दुनिया के कुछ देशों में डॉग्स को गार्ड या जानवरों के बोझा उठाने या भोजन के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है।
– गौर करने वाली बात यह है कि जब पालतू जानवरों को बेहद तकलीफ में रखा जाए तो वो हिंसक बन जाते हैं।
– 1982 और 2013 के बीच, कनाडा और संयुक्त राज्य अमेरिका में डॉग्स ने 466 लोगों को मार गिराया। इस दौरान 4,100 से ज्यादा डॉग्स के हमले हुए थे, जिसके बाद 2,400 से अधिक मामलों में मलमिंग का मामला दर्ज हुआ था।
– दुनिया के कुछ देशों में डॉग्स को गार्ड या जानवरों के बोझा उठाने या भोजन के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है।
– गौर करने वाली बात यह है कि जब पालतू जानवरों को बेहद तकलीफ में रखा जाए तो वो हिंसक बन जाते हैं।
ऐसे करें बचाव: घरेलू डॉग्स काफी संवेदनशील जानवर होता है। वह हर आहट से चौकन्ना होकर किसी भी घटना के पहले की अनहोनी को बताता है। संवेदनशील होने के साथ ही वह काफी हिंसक हो सकता है।
ऐसे में कोशिश यह करें कि घरेलू डॉग्स को किसी भी तरह की तकलीफ में न रखें, उन्हें समय पर भोजन, पानी और वॉकिंग करवाएं ताकि वो कूल बने रहें और घर के किसी भी सदस्य को जानलेवा हानि न पहुंचा सकें।





