पादरी एंथनी के घर से 6.65 करोड़ गायब करने के मामले में, पुलिस ने 2.11 करोड़ से अधिक की रकम और बरामद की

 जालंधर में पादरी एंथनी के घर से बरामद करोड़ों रुपये की राशि में से 6.65 करोड़ गायब करने के मामले में पुलिस ने 2.11 करोड़ से अधिक की रकम और बरामद की है। इसके साथ ही खुलासा हुआ है कि इस मामले के आरोपित दोनों एएसआइ पहले नेपाल भाग गए थे और वहां पैसे खत्‍म होने के बाद भारत लौटे। इसके बाद वे पकड़ेे गए। 

 आरोपितों दोनों एएसआइ ने घर के पास खाली प्लाट में दबाकर रखे थे रुपयों से भरे बैग

इस मामने में आरोपित एएसआइ जोगिंदर सिंह व एएसआइ राजप्रीत सिंह की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने लगातार दूसरी बाद बड़ी रकम बरामद की है। शनिवार को पटियाला पुलिस की टीम ने खाली प्लाट में दबाकर रखे 2.10 करोड़ रुपये बरामद किए हैं। उत्तराखंड से भी 1.50 लाख बरामद किए हैं। इससे पहले दो मई को भी 2.38 करोड़ रुपये बरामद किए गए थे। अब तक लगभग 4.50 करोड़ रुपये बरामद हो चुके हैं।

 एएसआइ जोगिंदर सिंह के घर से करीब 100 मीटर की दूरी पर खाली प्लाट में दबाकर रखी नकदी बरामद के लिए शनिवार सुबह 11 बजे एसएसपी मंदीप सिंह सिद्धू, आइए स्टाफ के इंचार्ज शमिंदर सिंह व डीएसपी दलबीर ग्रेवाल के साथ मौके पर पहुंचे।  तीन घंटे की कार्रवाई के बाद पुलिस ने प्लाट में बैग में दबाकर रखे 1.10 करोड़ बरामद कर लिए। इस प्लाट के आसपास कॉलोनी बनी है, लेकिन यह प्लाट कालोनी से बाहर खेतों की तरफ था, जिस वजह से यहां पर किसी भी व्यक्ति का आना-जाना नहीं होता था।

इसके बाद एसएसपी मंदीप सिंह सिद्धू के साथ पुलिस टीम  महिंदरा कॉलोनी में एएसआइ राजप्रीत सिंह के घर पहुंची। राजप्रीत ने भी घर के निकट खाली प्लाट में एक करोड़ रुपये छिपाकर रखे थे। प्लाट की खोदाई कर पुलिस उक्त रुपये बरामद कर लिए। 

उत्तराखंड के गुरप्रीत से मिले डेढ़ लाख

पुलिस पार्टी ने शुक्रवार को भी उत्‍तराखंड के रुदपुर के सितारगंज निवासी गुरप्रीत सिंह से करीब डेढ़ लाख रुपये बरामद किए। गुरप्रीत सिंह भी उक्त आरोपितों का जानकार बताया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है।

—————

पत्नी को विदेश भेजने के लिए एएसआइ ने दिए थे 2 लाख

इमीग्रेशन फर्म चलाने वाले पटियाला के गांव शादीपुर के गुरजंट सिंह उर्फ जंती ने शनिवार को पुलिस लाइन पटियाला में एसआइटी को बताया कि एएसआइ राजप्रीत सिंह 3 अप्रैल 2019 को उसके दफ्तर आया था और  पत्नी को विदेश भेजने के लिए 2 लाख रुपये दिए थे। उसने आशंका जताई कि यह राशि भी कैश लूटकांड का हिस्सा हो सकती है। हालांकि पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि 2 लाख रुपये  पादरी से लूटी गई राशि का हिस्सा है या नहीं।

————

लोग करें मदद, जल्द बरामद होगी पूरी राशि : डीजीपी

उधर, डीजीपी दिनकर गुप्ता ने ट्वीट कर लोगों से अपील की है कि वह पादरी कैश लूट से जुड़ी जानकारी पुलिस को देकर रिकवरी में मदद करें। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले को जल्द सुलझा लेगी और पादरी एंथनी के घर से गायब पूरी राशि बरामद की जाएगी।

————-

इनसे भी बरामद हो चुके हैं 2.38 करोड़

– निर्मल सिंह पुत्र केहर सिंह निवासी रायपुर थाना जौडिय़ां जिला मानसा – एक करोड़ (फरार) 

– सुरिंदरपाल उर्फ चिड़ी पुत्र रामस्वरूप निवासी वार्ड तीन पांतड़ा से 40 लाख (सेहत कारणों से जमानत पर छोड़ा) 

– मोहम्मद शकील पुत्र मोहम्मद जमील निवासी 1239, बलबीर खान कॉलोनी, पटियाला से 20 लाख 

– हेड कांस्टेबल अमरीक सिंह पुत्र जोगिंदर सिंह निवासी दानेवाल थाना झुनीर, मानसा से 30 लाख 

– दविंदर कुमार उर्फ काला पुत्र हेमराज निवासी वार्ड दो, नजदीक ग्रिड कॉलोनी, थाना मूनक, संगरूर से 30 लाख 

– संजीव कुमार पुत्र करनैल सिंह निवासी रामपुर गुज्जरां थाना मूनक जिला संगरूर से 18 लाख 

—– 

पहले नेपाल भागे थे दोनों आरोपित एएसआइ, पैसे खत्‍म हुए तो लौटे थे  

एएसआइ जोगिंंदर सिंह और राजप्रीत सिंह मामले के खुलासे के बाद  नेपाल भाग गए थे। वहां कुछ दिन रहने के बाद उनके पैसे खत्म हो गए तो उन्हें वापस लौटने को मजबूर होना पड़ा। वहां से दिल्ली आकर उन्होंने परिचित को फोन कर पैसे मंगवाए। इसी से इनका सुराग लग गया। दिल्ली में रुकने के बाद वे अगले दिन गोवा जाने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंचे लेकिन वहां जाकर उन्हें ध्यान आया कि इस सीजन में गोवा में भीड़भाड़ होगी और हो सकता है कि पंजाब से कई लोग यहां छुट्टियां मनाने आए हों और उन्हें पहचान कर इसके बारे में बता दें। इसलिए हड़बड़ाहट में वहां कोच्चि जाने वाली ट्रेन खड़ी थी, उन्होंने तुरंत टिकट लिया और उसमें सवार होकर वहां चले गए।

दिल्ली से ही एसआइटी को इसकी मुखबिरी मिल गई कि दोनों दिल्ली स्टेशन पर थे और अब कोच्चि जाने वाली ट्रेन में बैठे हैं। इसके बाद एसआइटी ने तेजी दिखाते हुए दिल्ली से कोच्चि के रास्ते में आते तमाम एरिया के पुलिस प्रमुखों को दोनों एएसआइ की फोटो, केस की डिटेल्स, गिरफ्तारी वारंट समेत पूरा ब्यौरा भेज दिया ताकि जैसे ही वो किसी जगह ट्रेन से उतरें तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाए।  दोनों कोच्चि जाकर ही ट्रेन से उतरे और होटल कासा लिंडा में ठहरे। जहां होटल के वाईफाई में साइन इन करते ही उनके सटीक ठिकाने की जानकारी एसआइटी को मिल गई और कोच्चि पुलिस की मदद से दोनों को दबोच लिया गया। 

 एक दिन से ज्यादा कहीं नहीं ठहरे

एसआइटी की जांच में सामने आया कि दोनों एएसआइ किसी एक होटल या शहर में एक दिन से ज्यादा नहीं ठहरते थे। फरार होने के बाद वो राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड के कई शहरों में रहे। फिर दिल्ली गए, वहां से नेपाल चले गए। दोनों मेरठ में भी रहे। कहीं भी किसी एक होटल में वो एक दिन से ज्यादा नहीं ठहरे और न ही किसी से कोई ज्यादा बातचीत की ताकि किसी को शक न हो।

 

 जमानत खारिज होने से बौखलाकर की गलती

एएसआइ जोगिंदर सिंह व राजप्रीत पहले पूरी तरह पेशेवर अपराधियों की तरह छुपते फिर रहे थे। इस दौरान उन्होंने मोबाइल इस्तेमाल नहीं किए। किसी एक जगह ज्यादा देर नहीं रुके। उनके पास करोड़ों रुपये हैं, यह भी अपने हावभाव से जाहिर नहीं होने दिया लेकिन जैसे ही मोहाली कोर्ट ने उनकी जमानत खारिज की तो वो बौखला गए। इसके बाद उन्होंने मोबाइल और इंटरनेट  इस्तेमाल कर लिया, जिससे पकड़े गए। 

Back to top button