पाकिस्तानी सेना के खिलाफ जारी है ‘आपरेशन हेरोफ’

बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने दावा किया है कि पाकिस्तानी सेना के खिलाफ उसका ‘आपरेशन हेरोफ’ अभी थमा नहीं है। यह लगातार छठे दिन जारी है। बलूच विद्रोहियों ने पाकिस्तानी सेना के इस संदर्भ में बयान को खारिज किया और उसे दुष्प्रचार करार दिया है।
बीएलए ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में पिछले शनिवार को ‘आपरेशन हेरोफ’ का दूसरा चरण शुरू किया गया था, जिसमें पाकिस्तानी सेना और पुलिस बलों को निशाना बनाया जा रहा है। बलूच भाषा में ‘हेरोफ’ शब्द का अर्थ काला तूफान होता है।
BLA का ‘ऑपरेशन हेरोफ’ जारी है
बीएलए के प्रवक्ता जीयंद बलूच की तरफ से गुरुवार को जारी बयान में यह दावा किया गया। जीयंद ने कहा कि ‘आपरेशन हेरोफ’ मजबूती और सफलता के साथ जारी है। पाकिस्तानी सरकार या सेना की मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आइएसपीआर) के इस अभियान के समाप्त होने के संबंध में दावे झूठे हैं। बीएलए ने इसके समापन की घोषणा नहीं की है।
आईएसपीआर ने गुरुवार को बलूचिस्तान में विद्रोहियों के खिलाफ अपने अभियान रद-अल-फितना के समापन का दावा किया था और कहा था कि 216 विद्रोही, 36 नागरिक एवं 22 सुरक्षाकर्मी मारे गए।
जबकि बीएलए प्रवक्ता जीयंद ने दावा किया था कि पिछले पांच दिनों से जारी आपरेशन में बलूच विद्रोहियों ने पाकिस्तानी सेना के 310 सैनिक मार गिराए। बीएलए के लड़ाके प्रांत में विभिन्न स्थानों पर अपना नियंत्रण बनाए हुए हैं और कई मोर्चों पर पाकिस्तानी बलों के प्रयासों को विफल कर दिया है।
बलूच नेता ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को बुलाया
बलूच नेता मीर यार बलूच ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, यूरोपीय संसद सदस्यों, मानवाधिकार संगठनों और ओआइसी के सदस्य देशों समेत अंतरराष्ट्रीय समुदाय और वैश्विक मीडिया को बलूचिस्तान में आमंत्रित किया है, ताकि वे उस जमीनी हकीकत को देख सकें, जिसे पाकिस्तान छिपा रहा है।
उन्होंने क्षेत्र में लोगों के मानवाधिकार हनन का जिक्र किया है। मीर ने नार्वे से पाकिस्तानी नेताओं की मेजबानी नहीं करने का आग्रह किया है। पाकिस्तान के पूर्व कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवर उल हक काकर और बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती 15-17 फरवरी को इस देश की यात्रा करने वाले हैं।





