पांच साल में दस लाख लोग पाएंगे कपड़ा उद्योग में रोजगार

देश में 23.77 लाख हथकरघे हैं। देश में लगभग 43.31 लाख लोग प्रत्यक्ष रूप से हथकरघा उद्योग से जुड़े हैं और तकरीबन एक करोड़ लोग परोक्ष रूप से। आने वाले पांच सालों में लगभग दस लाख से ज्यादा लोग कपड़ा उद्योग में रोजगार पाएंगे।

यह कहना है उपायुक्त, हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग केवी वर्मा का। वे शनिवार को आईआईटी में क्षेत्रीय प्रचार निदेशालय, झांसी इकाई की ओर से आयोजित भारतीय हथकरघा उत्सव को संबोधित कर रहे थे।
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उन्होंने कहा कि हथकरघे से प्रतिवर्ष 6806 मिलियन वर्गमीटर कपड़े का उत्पादन हो रहा है। दुनिया में जितना भी कपड़ा हथकरघे से बनता है, उसमें भारत की 95 प्रतिशत हिस्सेदारी है। हथकरघे से कपड़ा बनाने में किसी भी प्रकार का प्रदूषण नहीं होता है।
कार्यक्रम का शुभारंभ आईआईटी कानपुर के रजिस्ट्रार केके तिवारी, डॉ. कोमुदी पाटिल, प्रो. पी शुभगमगराज, विष्णु दत्त शर्मा, एसपी द्विवेदी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर जे राम कुमार ने किया।
जागो रे… नाटक का हुआ मंचन
उत्सव के दौरान जागो रे नाटक का मंचन भी हुआ। इसमें कपड़ा और हथकरघा उद्योग के इतिहास और महत्व के बारे में बताया गया।
– आईआईटी कानपुर में मनाया गया भारतीय हथकरघा उत्सव
– उपायुक्त हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग ने बताई अहमियत





