पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की मांग, VHP का आक्रोश मार्च; ममता बनर्जी के खिलाफ नारेबाजी

पश्चिम बंगाल में हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचार और पलायन के विरोध में सोमवार को विश्व हिंदू परिषद के बैनर तले शिवहर नगर में आक्रोश मार्च निकाला गया। यह पैदल मार्च पुरानी सिनेमा हॉल से शुरू होकर रजिस्ट्री चौक, ब्रह्मस्थान चौक, गांधी चौक, राजस्थान चौक, पेट्रोल पंप, खादी भंडार होते हुए मुख्य मार्ग से जीरो माइल चौक तक पहुंचा, जहां यह एक सभा में तब्दील हो गया। इस दौरान ‘राष्ट्रपति शासन लागू हो’ के नारे भी लगाए गए।
इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के विभाग मंत्री अशोक उपाध्याय ने कहा कि पश्चिम बंगाल में तत्काल राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए। वहां हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार (कथित) की जांच एनआईए से कराई जाए और दोषियों को सख्त सजा दी जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि पश्चिम बंगाल की कानून व्यवस्था का संचालन केंद्रीय सुरक्षा बलों के हाथों में दिया जाए और बांग्लादेशी व रोहिंग्या घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें देश से बाहर निकाला जाए।
मुर्शिदाबाद की घटना पर जताई चिंता
वक्ताओं ने कहा कि मुर्शिदाबाद की हालिया घटना यह दर्शाती है कि वक्फ बिल का विरोध केवल एक बहाना था, असली मकसद मुर्शिदाबाद को हिंदू विहीन बनाना था। उन्होंने दावा किया कि हिंसा में दर्जनों महिलाओं पर अत्याचार किए गए और दो सौ से अधिक घर व दुकानें लूटे व जलाए गए। हालात ऐसे बने कि 500 से अधिक परिवारों को अपने घर छोड़कर पलायन करना पड़ा। वक्ताओं ने कहा कि ममता बनर्जी की सरकार के कारण राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। आक्रोश मार्च में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, भाजपा, भाजपा युवा मोर्चा, महावीर मित्र मंडल, एकल अभियान, कर्मयोगी, योग विहंगम, धरती माता विश्व परिवार जैसे संगठनों के कार्यकर्ता प्रमुख रूप से शामिल हुए।





