पश्चिम एशिया संकट के चलते फंसे विदेशी नागरिकों को भारत ने दी राहत

पश्चिम एशिया में छिड़े युद्ध में अब तक 2000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें अधिकांश लोग ईरान में मारे गए हैं, जबकि लेबनान और खाड़ी क्षेत्र में भी कई लोगों की जान गई है। लाखों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं और कई देशों में सैकड़ों यात्री फंसे हुए हैं, जिनमें भारत भी शामिल है।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण यात्रा बाधित होने से भारत में फंसे विदेशी नागरिकों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने वीजा विस्तार और ओवरस्टे जुर्माने में छूट देने का फैसला किया है।
भारत ने शुक्रवार को घोषणा की कि ऐसे विदेशी नागरिकों को एक महीने का वीजा विस्तार दिया जाएगा, जो अमेरिका और इजराइल के ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध के कारण भारत से बाहर नहीं जा पा रहे हैं। यह विस्तार बिना किसी शुल्क के दिया जाएगा।
भारतीय वाणिज्य दूतावास ने क्या कहा?
दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने बताया कि जिन विदेशी नागरिकों के सभी प्रकार के वीजा या ई-वीजा समाप्त होने वाले हैं या जल्द समाप्त हो रहे हैं, उन्हें एक महीने के लिए मुफ्त में बढ़ाया जाएगा। यह विस्तार संबंधित विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालयों (एफआरआरओ) द्वारा मामले के आधार पर दिया जाएगा।
इसके साथ ही 28 फरवरी 2026 के बाद पश्चिम एशिया की स्थिति के कारण भारत में अधिक समय तक रुकने वाले विदेशी नागरिकों पर ओवरस्टे का कोई जुर्माना नहीं लगाया जाएगा। दूतावास ने यह भी कहा कि प्रभावित विदेशी नागरिकों को एग्जिट परमिट भी उपलब्ध कराए जाएंगे। यदि वे वीजा विस्तार के लिए आवेदन नहीं कर पाते या एग्जिट परमिट नहीं ले पाते हैं, तो इसे आव्रजन कानून का उल्लंघन नहीं माना जाएगा।
गहरा रहा पश्चिम एशिया संकट
इसके अलावा जिन विदेशी नागरिकों की उड़ानें पश्चिम एशियाई हवाई क्षेत्र में व्यवधान के कारण भारत की ओर मोड़ी जाती हैं, उन्हें अस्थायी लैंडिंग परमिट (टीएलपी) भी मुफ्त में दिया जाएगा। ईरान के खिलाफ चल रहा युद्ध अब 14वें दिन में प्रवेश कर चुका है और इसके खत्म होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। इस संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति, अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा और खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा पर व्यापक असर पड़ा है।





