परिवहन विशेषज्ञों की देखरेख में देगा 25 महिला चालकों प्रशिक्षण….

आज के दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। कोई भी क्षेत्र अछूता नहीं रह गया है। और तो और विमान, मेट्रो, ट्रेन, टेंपो, डंफर समेत विभिन्न संसाधनों के संचालन में उनकी हिस्सेदारी पुरुषों से कम नहीं। ऐसे में प्रदेश के सबसे बड़े बस बेड़े की कमान महिलाओं के हाथ क्यों नहीं? पिंक बसों के लिए महिला चालक न मिल पाने के बाद भी परिवहन निगम के अधिकारियों ने हार नहीं मानी है। रोडवेज प्रशासन अपनी बसों के लिए स्वयं महिला पायलट तैयार करेगा। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर उसे आगे बढ़ा दिया गया है। 
तैयार किए गए प्रस्ताव में रोडवेज प्रशासन 25 महिलाओं को परिवहन निगम की बसों को चलाने के लिए तैयार करेगा। इन महिला पायलट की पूरी ट्रेनिंग रोडवेज स्वयं कराएगा। कानपुर स्थित परिवहन निगम की कार्यशाला में विशेषज्ञों की देखरेख में उनका प्रशिक्षण होगा। इन्हें करीब छह माह की ट्रेनिंग दी जाएगी।
कौशल विकास के सहयोग से महिला सशक्तीकरण की मुहिम
महिला सशक्तीकरण को लेकर परिवहन निगम प्रशासन ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। उसे जल्द ही कौशल विकास विभाग को भेजा जाएगा। इसकी फंडिंग में कौशल विकास विभाग से मदद ली जाएगी।
एलएमवी लाइसेंस होगा जरूरी
परिवहन निगम की बस चलाने के लिए तैयार की जाने वाली इन महिला पायलट के पास एलएमवी का लाइसेंस होना जरूरी होगा। अर्हता आठवां पास और हाइट पांच फीट तीन इंच तय की गई है।
क्या कहते हैं अफसर ?
मुख्य प्रधान प्रबंधक संचालन राजेश वर्मा का कहना है कि महिला सशक्तीकरण की दिशा में रोडवेज भी प्रयास कर रहा है कि महिलाओं के हाथ में रोडवेज बसों की कमान हो। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। जल्द ही कौशल विकास विभाग को भेजा जाएगा।





