पदभार ग्रहण के 6 दिन बाद फिर निलंबित हुए नईमुद्दीन गुड्डू

कांग्रेस नेता और लाडपुरा प्रधान नईमुद्दीन गुड्डू को हाईकोर्ट से राहत के बाद 22 अगस्त को पदभार ग्रहण करने के महज छह दिन में ही फिर से निलंबित कर दिया गया।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लाडपुरा पंचायत समिति के प्रधान नईमुद्दीन गुड्डू की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। प्रधान की कुर्सी पर वापसी के मात्र 6 दिन बाद ही उन्हें एक बार फिर निलंबित कर दिया गया।
गुड्डू इससे पहले भी निलंबन झेल चुके हैं और उन्होंने राजस्थान हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद उन्होंने 22 अगस्त को पदभार ग्रहण किया था। अब पंचायत राज विभाग के डिप्टी सेक्रेटरी इंद्रजीत सिंह द्वारा जारी आदेश में उन्हें पंचायत राज अधिनियम 1994 की धारा 38(4) के तहत निलंबित किया गया है। आदेश में यह भी उल्लेख है कि निलंबन अवधि में वे किसी भी कार्रवाई में भाग नहीं ले सकेंगे।
नईमुद्दीन गुड्डू और उनका परिवार लाडपुरा विधानसभा से लगातार चुनाव लड़ता रहा है। उन्हें कांग्रेस ने 2008, 2013 और 2023 में प्रत्याशी बनाया, जबकि 2018 में उनकी पत्नी गुलनाज गुड्डू को टिकट दिया गया था।
गुड्डू ने 22 अगस्त को पदभार ग्रहण करते समय डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति पर माल्यार्पण किया था और जुलूस के साथ पंचायत समिति पहुंचे थे। उस दौरान उन्होंने संविधान की प्रति हाथ में लेकर इसे लोकतंत्र की जीत बताया था।
पहला निलंबन
28 फरवरी को राज्य सरकार ने गुड्डू को लाडपुरा प्रधान पद से निलंबित किया था। उन पर पंचायत समिति की 12 ग्राम पंचायतों में सफाई ठेकों में अनियमितता के आरोप लगे थे। जांच में दोषी पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई। हालांकि उन्होंने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया और हाईकोर्ट से स्टे ले आए। हाईकोर्ट की आपत्ति के बाद अगस्त के दूसरे सप्ताह में उनके ज्वाइनिंग आदेश जारी हुए लेकिन 6 दिन बाद ही दोबारा निलंबन का आदेश आ गया।