पत्थरबाज हो या आतंकी, अब J&K पुलिस के आगे नहीं चलेगी किसी की

कश्मीर में पत्थरबाज हों या आतंकी, अब जम्मू-कश्मीर पुलिस का सामना करने से पहले सौ बार सोचेंगे। राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने से लेकर आतंकवाद से भी जूझ रही जम्मू कश्मीर पुलिस के बेड़े में जल्द ही जीपीएस व अत्याधुनिक उपकरणों से लैस 50 बख्तरबंद वाहन शामिल किए जाएंगे। इसके अलावा आइईडी का पता लगाने में समर्थ बारूदी सुरंगरोधी वाहन व पत्थरबाजों से निपटने के लिए अत्याधुनिक बुलेट प्रूफ शील्ड व हेल्मेट भी उपलब्ध करवाए जाएंगे।
जम्मू कश्मीर पुलिस के साजो सामान को अत्याधुनिक बनाने और उसकी क्षमता विकास के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लगभग एक हजार करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है। जम्मू कश्मीर पुलिस को अत्याधुनिक साजो सामान से लैस करने का फैसला गत माह राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की मौजूदगी में हुई एक सुरक्षा समीक्षा की बैठक में लिया गया है।
जम्मू कश्मीर पुलिस देश की एकमात्र ऐसी पुलिस है, जो अपराध पर अंकुश लगाने के साथ ही पड़ोसी देश द्वारा छेड़े छद्म युद्ध का भी कड़ा मुकाबला कर रही है। आतंकियों द्वारा अपनी नापाक साजिशों को अंजाम देने के लिए अपनाए जा रहे नए तौर तरीकों और तकनीक को देखते हुए ही केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जम्मू कश्मीर पुलिस को अत्याधुनिक बनाने के लिए तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया है। इसके लिए आवश्यक धनराशि का प्रावधान कर दिया गया है और इसे क्रमानुसार जारी किया जा रहा है।
बख्तरबंद वाहनों में यह होगा साजो-सामान :
जम्मू कश्मीर पुलिस को मिलने वाले जीपीएस से लैस 50 बख्तरबंद वाहनों में किसी भी आतंकरोधी अभियान से निपटने का आवश्यक साजो सामान होगा। किसी भी तरह की चोट या जख्म के तत्काल उपचार के लिए आवश्यक चिकित्सा उपकरण होंगे। इन वाहनों में शरारती तत्वों के ङ्क्षहसक प्रदर्शन के दौरान आतंकियों द्वारा की जाने वाली फायङ्क्षरग से बचाने में समर्थन बुलेट प्रूफ शील्ड भी उपलब्ध करायी जाएंगी।
जाम हो जाएगी रिमोट संचालित आइईडी, बुलेट प्रूफ हेल्मेट भी मिलेंगे :
अगले साल के पहले तीन माह के दौरान आतंकरोधी अभियानों में शामिल पुलिसकर्मियों के लिए विशेष बुलेट प्रूफ हेल्मेट भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा आइईडी और बारूदी सुरंगों का पता लगाने में समर्थ उपकरणों से लैस वाहन भी जम्मू कश्मीर पुलिस के लिए खरीद जाएंगे। शुरु में ऐसे करीब एक दर्जन वाहन लिए जाएंगे, जिनकी संख्या बाद में आवश्यकता अनुरूप बढ़ाई जाएगी। यह वाहन बारूदी सुरंग धमाके को सहने में भी समर्थ होंगे और जहां से गुजरेंगे, उस इलाके में करीब 30 से 50 मीटर के दायरे में अगर कहीं रिमोट संचालित आइईडी होगी, तो उसे जाम कर देंगे।
जवानों को कमांडो ट्रेनिंग के लिए देश के अन्य हिस्सों में भेजा जाएगा :
सूत्रों ने बताया कि जम्मू कश्मीर पुलिस के अधिकारियों व जवानों की ट्रेनिंग में भी आवश्यक बदलाव किया जा रहा है। इसके अलावा जम्मू कश्मीर पुलिस के अधिकारियों व जवानों की छोटी-छोटी टुकडिय़ों को देश के विभिन्न हिस्सों में स्थित सेना व केंद्रीय अर्धसैनिकबलों के प्रशिक्षण संस्थानों में कमांडो, आतंकरोधी अभियानों की ट्रेनिंग के अलावा बारूदी सुरंगों का पता लगाने व उन्हें नकारा बनाने की बदलती तकनीक की जानकारी हासिल करने के लिए भी भेजा जाएगा।





