पति-पत्नी मे जरूरी है सेक्स

शादी के बाद लोगो मे सेक्स को लेकर एक अलग ही अहसास रहता है। और यह पति-पत्नी दोनों के लिए जरूरी भी है। किन्तु कई बार लोगो मे सेक्स के प्रति गलतफहमी बनी हुई होती है जिसे वो दूर नही कर पाते है ओर अपनी सेक्स लाइफ को एंजॉय नहीं कर पाते है। शादी के बाद अक्सर पुरुषो मे देखा जा सकता है की वो सेक्स को लेकर काफी उत्तेजित होते है, और उनका मकसद सिर्फ सेक्स ही होता है । किन्तु उन्हे देखना चाहिए की उनका पार्टनर भी इसके लिए तैयार है या नही। उन्हे सोच समझकर सही फैसला लेना चाहिये। अगर आपका पार्टनर उसके लिए तैयार ना हो तो किसी भी तरह से सेक्स के लिए दबाव ना बनाये। किन्तु इससे आप निराश ना हो हो सकता है की वह शारीरिक तौर पर उस समय तैयार ना हो।

सेक्स सिर्फ उत्तेजना को शांत करने का मकसद नहीं है, अपितु यह पति और पत्नी के बीच मे प्यार बढ़ाने का एक तरीका है। इसमें स्त्री की परकास्ठा ओर स्वाभिमान जुड़ा होता है। लोगो को सेक्स करते समय ध्यान रखना चाहिये की वो उनके पार्टनर के अहसास को भी समझे। इससे उनकी लाइफ ओर आसान हो सकती है तथा दोनों के बीच मे प्यार हमेशा बना रहेगा।

कही बार हम देखते है की पति-पत्नी मे शुरू मे सेक्स को लेकर सब कुछ ठीक रहता है। किन्तु जैसे जैसे समय बीतता जाता है उनका सेक्स के प्रति रुझान कम हो जाता है। जिसकी वजह से अक्सर लड़ाईया भी हो जाती है। स्त्री शारीरिक संबंध पुरुष के करीब रहने के लिए बनाती है। उसे उसके साथ सटकर सोना और दुलार दिखाना ज्यादा अच्छा लगता है और वह मानसिक तौर पर अपने पति से जुड़े रहना चाहती है। वहीं पुरुष के लिए सेक्स सिर्फ सेक्स होता है।  कभी कभार स्त्री को इस बात को लेकर हैरत भी होती है कि उसमें शारीरिक संबंध बनाने को लेकर इच्छा जाग्रत क्यों नहीं हो रही है। वहीं पुरुष भी इसको लेकर हैरत में रहता है कि उसे हर समय शारीरिक संबध बनाने को लेकर ही क्यों जल्दबाजी होती है। हालांकि ये स्त्री और पुरुष की भिन्न प्रकृति है।

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