पति के सामने हुआ गैंगरेप , चुनाव के कारण पुलिस ने नहीं लिया कोई एक्शन


बाइक पर जा रहे पति-पत्नी को पांच लड़कों ने रोका और पति के सामने ही पत्नी का गैंगरेप किया. गैंगरेप का वीडियो बनाकर दोनों को धमकाकर पैसे भी वसूले. जब पति-पत्नी ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई तो आरोपियों ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर दिया. हद तो तब हो गई जब चुनाव के कारण पुलिस ने 4 दिन तक मामले को छिपा कर रखा. यह सनसनीखेज घटना राजस्थान में अलवर की है.
राजस्थान के अलवर जिले के थानागाजी इलाके में पति को बंधक बनाकर पत्नी से 5 लड़कों ने न केवल सामूहिक दुष्कर्म किया, बल्कि वीडियो भी बना लिया.

पुलिस अधिकारी के अनुसार, इस संबंध में दो मई को मेरे पास पति-पत्नी आए थे. मैंने उसी समय रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए और एक टीम थानागाजी के स्तर पर व एक टीम अलवर में बना दी, परंतु अभी तक आरोपी पकड़े नहीं जा सके हैं. दूसरी और बदमाशों की ओर से फोटो व वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए जाने से पीड़िता व उसका परिवार सदमे में है. परिवार से जान-माल की सुरक्षा मांगी है.

पीड़िताने दो मई को रिपोर्ट लिखाई थी जिसमें कहा गया था कि वह 26 अप्रैल को दोपहर 3 बजे पति के साथ बाइक से गांव लालवाड़ी से तालवृक्ष जा रही थी. थानागाजी-अलवर बाईपास रोड पर दुहार चौगान वाले रास्ते से कुछ ही दूर पर उनकी बाइक के आगे 5 लड़कों ने अपनी दो बाइक लगा दी और रोक लिया. लड़कों की उम्र 20-25 साल थी. लड़के, महिला व पति को जबरन रेत के बड़े टीलों की तरफ ले गए. वहां उसके पति से पहले मारपीट की, फिर बंधक बना लिया. बाद में पांचों लड़कों ने महिला से सामूहिक दुष्कर्म किया.

पीड़िता ने रिपोर्ट में लिखा था कि आरोपी लड़के आपस में एक दूसरे का नाम छोटे लाल उर्फ सचिन, जीतू व अशोक बोल रहे थे. दो लड़कों के नाम वह नहीं सुन पाई थी. आरोपियों ने सामूहिक दुष्कर्म करने के साथ ही उसका वीडियो बनाया और जाते समय उसे वीडियो वायरल करने व पति की हत्या करने की धमकी दी. इसी धमकी के डर से 5-6 दिन तक मामला दर्ज नहीं कराया. लेकिन अब वे बदमाश उसके पति को रोजाना मोबाइल पर धमकाने के साथ घटना का वीडियो वायरल करने की धमकी दे रहे हैं.

पीड़िता ने अपनी रिपोर्ट में गांव कराणा निवासी छोटेलाल गुर्जर को नामजद किया है. उसके खिलाफ बानसूर थाने में हत्या का प्रयास, छेड़छाड़ आदि के कई मामले पहले से दर्ज हैं. रिपोर्ट में पीड़िता ने उसकी व पति की आरोपियों से सुरक्षा मांग की है.

थानेदार ने इस मामले पर कहा था कि मामला एससी की महिला का था, इसलिए हम बता नहीं सकते. इस संबंध में उच्चाधिकारी ही अधिकृत हैं. आरोपी गिरफ्तार नहीं करने पर ये बोले कि हमने आरोपियों की तलाश के लिए टीमें बना दी हैं. दबिशें दी जा रही हैं. उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लेंगे. बता दें कि वीडियो में आरोपियों के चेहरे साफ नजर आ रहे हैं और पीड़िता की रिपोर्ट में भी उन्हें नामजद किया है, लेकिन पुलिस किसी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है.

इस शर्मनाक घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं. बड़ा सवाल है कि चुनाव के कारण घटना का खुलासा नहीं कर पुलिस क्या किसी को सियासी फायदा देना चाहती थी? ऐसा नहीं था तो पुलिस कहीं आरोपियों के पक्ष में ही तो नहीं थी? अगर ये दोनों कारण नहीं हैं तो घटना का खुलासा 4 दिन बाद तब क्यों किया, जब वीडियो वायरल हो गया.
इस घटना की 2 मई को रिपोर्ट दर्ज हुई है. घटना के बाद आरोपी पीड़ितों से वीडियो वायरल करने की धमकी देकर एक बार पैसे भी ऐंठे जा चुके हैं जब दूसरी बार पैसे मांगे तो पीड़ित युवक स्थानीय विधायक के पास गया. जिन युवक-युवती को आरोपियों ने पकड़ा था, उनकी शादी हो चुकी है.





