पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में NSUI ने लहराया परचम

पटना यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में वोटों की गिनती पूरी होने के बाद जीत हार का निर्णय हो गया। लगभग 37 प्रतिशत मतदान के बाद हुए मतगणना के अंतिम राउंड की गिनती के बाद अध्यक्ष पद के लिए एनएसयूआई के उम्मीदवार शांतनु शेखर की जीत हुई है। उन्होंने जदयू उम्मीदवार प्रिंस कुमार को 1496 वोटों से हराया है। वहीं महासचिव पद के लिए एनएसयूआई की उम्मीदवार खुशी कुमारी ने जीत हासिल की है। खुशी कुमारी को 2164 वोट मिले है।

इस चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की उम्मीदवार अनुष्का अध्यक्ष पद पर जीत हासिल नहीं कर सकी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् को इस बार सिर्फ संयुक्त सचिव और कोषाध्यक्ष पद ही मिल पाया। कोषाध्यक्ष पद पर हर्षवर्धन और संयुक्त सचिव पद पर अभिषेक कुमार की जीत हुई है। अभिषेक को 2173 वोट मिले है। उन्होंने एनएसयूआई के मनौव्वर आजम को 422 वोटों से हराया है।

शनिवार को मतदान के दौरान पटना वीमेंस कॉलेज के सामने कुछ छात्रों ने विवि प्रशासन के विरोध में नारेबाजी की। वहीं तेज प्रताप यादव के समर्थन से चुनाव में उतरे निर्दलीय प्रत्याशी रिंकल यादव ने भी विरोध प्रदर्शन किया। रिंकल यादव ने आरोप लगाते हुए कहा कि मेरे साथ गलत किया जा रहा है इसलिए चुनाव को अविलंब रद्द किया जाए। उनका आरोप है कि मैं रिंकल यादव हूं और मेरे बैलट पेपर पर रिंकल कुमार लिखा है, ताकि पहचान बदल कर मुझे पहले ही मैदान से बाहर कर दिया जाए।

बता दें कि 20,036 छात्र-छात्राओं का नाम मतदाता सूची में है। सेंट्रल पैनल में अध्यक्ष पद पर 11, उपाध्यक्ष पद पर आठ, महासचिव पद पर नौ, संयुक्त सचिव और कोषाध्यक्ष पद पर छह-छह उम्मीवार उतरे। सेंट्रल पैनल के लिए 40 और काउंसलर के 45 प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे। इनमें से पांच प्रत्याशी निर्विरोध पहले ही जीत चुके हैं।

कैसे हुआ चुनाव जानिए प्रक्रिया
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, सेंट्रल पैनल के अधिकारी के लिए पांच और काउंसलर पद के लिए एक बैलेट बॉक्स लगाए गए। सभी पदों के लिए बैलेट पेपर भी अलग-अलग तय किए गए। छात्रों को अपनी पसंद के उम्मीदवार के सामने क्रॉस चिह्न लगाकर वोट करना था। मतदान प्रक्रिया में शामिल होने वाले छात्रों को अपना आईकार्ड लेकर आना अनिवार्य किया गया था।

कितने मतदान केंद्र बनाए गए हैं?
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, पटना विवि के सभी कॉलेज और चार संकायों को मिलकार कुल 41 मतदान केंद्र बनाए गए थे। प्रत्येक बूथ पर पुलिसकर्मी और मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे। सुबह से ही पटना पुलिस की टीम लगातार गश्ती कर रही थी। इसके अलावा सीसीटीवी के जरिए भी निगरानी की जा रही थी।

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