पंजाब में मंडराने लगा भयानक बीमारियों का खतरा

पंजाब में बाढ़ की भयावह स्थिति के बीच अब डायरिया, हैजा, डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है। इस चुनौती से निपटने के लिए पंजाब स्वास्थ्य विभाग ने हाई अलर्ट घोषित कर दिया है और लोगों की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने बीमारियों की रोकथाम के लिए बड़े पैमाने पर चिकित्सा दल और संसाधन तैनात किए हैं।
गुरदासपुर के सिविल सर्जन डॉ. जसविंदर सिंह ने लोगों से बाढ़ के दौरान अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करके कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि पानी और खाने-पीने में सावधानी बरतें, केवल साफ पानी पिएं, उबला हुआ या क्लोरीन युक्त पानी ही पिएं। अगर पानी उबालना संभव न हो, तो क्लोरीन की गोलियों का इस्तेमाल करें। पानी को हमेशा साफ और ढके हुए बर्तनों में रखें। उन्होंने कहा कि हाथों को बार-बार साबुन और पानी से धोएं खासकर खाने से पहले। बाढ़ के पानी के संपर्क में आया कोई भी खाना न खाएं।
मच्छरों और कीड़ों से बचाव की सलाह देते हुए सिविल सर्जन डॉ. जसविंदर सिंह ने कहा कि मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए अपने घर के आसपास ड्रम, टायर, कूलर और छतों में जमा पानी को तुरंत हटा दें। मच्छरदानी का प्रयोग करें, खासकर बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए। मच्छरों के काटने से बचने के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहनें। उन्होंने कहा कि अंधेरा होने के बाद जलभराव या झाड़ीदार इलाकों में जाने से बचें और अपने हाथ-पैर घास में न डालें।
उन्होंने कहा कि गीले कपड़ों से बचें और बाढ़ के पानी के संपर्क में आने के बाद जल्द से जल्द गीले कपड़ों को सूखे कपड़ों में बदल दें। पैरों के संक्रमण से बचने के लिए जलभराव वाले इलाकों में चलते समय हमेशा सुरक्षित जूते पहनें। खुजली या दाने होने पर स्वास्थ्य कार्यकर्ता से सलाह लेने के बाद ही पाउडर या मलहम लगाएं।
उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल देखभाल और राहत प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिकित्सा दल भेजे जा रहे हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है। यदि किसी को दस्त या उल्टी की शिकायत हो तो उसे तुरंत ओआरएस घोल पीना शुरू कर देना चाहिए तथा नजदीकी स्वास्थ्य शिविर या अस्पताल से संपर्क करना चाहिए।