पंजाब में बाढ़: बॉर्डर एरिया पर भारी नुकसान, बीएसएफ की चाैकियां भी डूबी

पंजाब में बाढ़ से चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है। इससे सीमावर्ती इलाके भी अछुते नहीं हैं। क्योंकि बॉर्डर एरिया में बाढ़ से खासा नुकसान हुआ है। बीएसएफ की चौकियां भी पानी में डूब गई हैं।
पंजाब में बाढ़ की मार से भारत-पाक सीमा पर तैनात बीएसएफ की चौकियों को भी नुकसान पहुंचा है। बीएसएफ के कई जवानों को एयरफोर्स की मदद से एयरलिफ्ट भी कराया गया है। इसी के मद्देनजर पंजाब सरकार ने केंद्र से बीएसएफ की चाैकियों की मरम्मत व भविष्य में इन्हें बाढ़ के खतरे से बचाने के लिए 200 करोड़ रुपये मांगे हैं।
गौरतलब है कि पाकिस्तान के साथ लगती पंजाब की करीब 553 किलोमीटर लंबी सीमा हैं जबकि 20 से अधिक जगहों से रावी व ब्यास दरिया का पानी पंजाब से पाकिस्तान में प्रवेश करता है। इस वक्त पंजाब में बाढ़ के जो हालात बने हुए हैं, उस वजह से सीमा से सटे सात जिलों गुरदासपुर, पठानकोट, अमृतसर, तरनतारन, फाजिल्का, होशियारपुर व कपूरथला में ज्यादा मार है।
बाढ़ ने बीएसएफ की चौकियों को चपेट में ले लिया है। इसी पर संज्ञान लेते हुए पंजाब सरकार ने इन चौकियों की मरम्मत व इन्हें बाढ़ के भावी खतरे से बचाने के लिए केंद्र सरकार से 200 करोड़ रुपये मांगे हैं। उधर, एयरफोर्स बाढ़ में फंसे बीएसएफ के करीब 100 से अधिक जवानों को एयरलिफ्ट भी करवा चुकी है।
जल स्रोत मंत्री बरिंद्र कुमार गोयल बताते हैं कि जो जवान देश की रक्षा के लिए दिर-रात सरहद पर तैनात है, उन्हें किसी प्रकार से कोई दिक्कत न हो, इसकी जिम्मेदारी सरकारों की बनती है मगर पंजाब में बाढ़ की जो भीषण स्थिति है, उस वजह से बीएसएफ की चौकियों व इंफ्रास्ट्रक्चर को काफी नुकसान पहुंचा है। इनकी मरम्मत और भविष्य में बाढ़ बचाव की योजनाओं के लिए केंद्र से 200 करोड़ रुपये मांगे गए हैं। रिमांइडर भी भेजा जा चुका है। उम्मीद है केंद्र इस फंड को जल्द रिलीज करेगा।
सूबे को मिले फंड के इस्तेमाल का अधिकार
मंत्री बरिंद्र कुमार गोयल ने बताया कि आपदा फंड केंद्र सरकार रिलीज करता है मगर इसके इस्तेमाल कैसे करना है, कहां करना है, यह सब भी केंद्र ही तय करता है। पंजाब सरकार अब केंद्र को पत्र लिखकर यह मांग करेगी कि जिस सूबे में आपदा आई है, उसे ही अपने हिसाब से इस फंड को इस्तेमाल करने का अधिकार दिया जाए। इस नियम को बदलना होगा, क्योंकि संबंंधित सूबे की सरकार ही आपदा की घड़ी में इस फंड का मुनासिब इस्तेमाल कर सकती है।
आप सरकार द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य जारी
मंत्री अमन अरोड़ा आज अमृतसर में राहत कार्यों की समीक्षा करेंगे। बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन सामग्री, स्वच्छ पानी और मेडिकल कैंप की सुविधा उपलब्ध करवाएंगे।
मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ तरण तारण और अमृतसर में इमरजेंसी स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करेंगे और पशुओं के लिए दवाइयाँ व चारा उपलब्ध कराएंगे।
मंत्री डॉ. बलजीत कौर फाजिल्का के बाढ़ प्रभावित इलाकों में मेडिकल कैंप लगाकर ज़रूरी दवाइयाँ वितरित करेंगी।
मंत्री डॉ. बलबीर सिंह गुरदासपुर क्षेत्र में टीकाकरण अभियान और वेटरनरी सेवाओं की देखरेख करेंगे।
मंत्री लालजीत भुल्लर तरण तारण के बाढ़ प्रभावित गांवों में राशन किट, पीने का पानी और सफाई अभियान की निगरानी करेंगे।
मंत्री बरिंदर कुमार गोयल घग्गर के साथ लगते क्षेत्रों में राहत कार्यों की समीक्षा करेंगे और पशुओं के लिए चारा, दवाइयाँ और खुराक के पैकेट वितरित करेंगे।