निफ्टी 26500 और बैंक निफ्टी 61000 के पार जाएगा, मुनाफावसूली नहीं अब नई रैली आने वाली है?

कैलेंडर वर्ष 2025 में वैश्विक और घरेलू चुनौतियों के बावजूद भारतीय शेयर बाजार (Stock Market Weekly Outlook) ने उल्लेखनीय मजबूती दिखाई। रिकॉर्ड स्तर के एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशक) आउटफ्लो, कमजोर आय वृद्धि, अमेरिका-भारत व्यापार से जुड़ी चिंताएं और रुपये में गिरावट जैसे दबावों के बावजूद बाजार ने स्थिर रिटर्न दिए।
इस दौरान सेंसेक्स लगभग 9% की बढ़त के साथ 85,200 के स्तर के आसपास पहुंचा, जबकि निफ्टी 50 करीब 10% चढ़कर 26,130 के स्तर तक पहुंच गया। यह भारतीय इक्विटी बाजारों के लिए लगातार दसवां साल रहा जब बढ़त वाले रिटर्न दर्ज हुए।

घरेलू निवेशकों का मजबूत सपोर्ट

एफआईआई के ₹1.44 लाख करोड़ से अधिक की बिकवाली के बावजूद, घरेलू संस्थागत निवेशकों और खुदरा निवेशकों की मजबूत भागीदारी ने बाजार को सहारा दिया। सालभर उतार-चढ़ाव बना रहा, लेकिन अंतिम तिमाही में तेज रिकवरी के चलते बाजार लंबी कंसोलिडेशन के बाद फिर से ऊंचे स्तरों पर पहुंचा।

लार्ज-कैप शेयरों ने ब्रॉडर मार्केट से बेहतर प्रदर्शन किया। घरेलू लिक्विडिटी की मजबूती का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 365 से अधिक आईपीओ के जरिए करीब ₹1.95 ट्रिलियन की फंड जुटाई गई, हालांकि तुलनात्मक रूप से भारतीय बाजार कुछ एशियाई बाजारों से पीछे रहे।

निफ्टी का तकनीकी परिदृश्य

निकट अवधि के तकनीकी नजरिये से देखें तो निफ्टी ने पिछले छोटे कारोबारी सप्ताह की शुरुआत गैप-अप के साथ की, लेकिन 26,300 के रेजिस्टेंस के ऊपर टिक नहीं पाया और हल्का करेक्शन देखने को मिला। उम्मीद के मुताबिक 25,950-25,850 का क्षेत्र मजबूत सपोर्ट साबित हुआ।
इंडेक्स ने इस सपोर्ट का सम्मान करते हुए जोरदार रिकवरी दिखाई और 26,200 के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट दर्ज किया। इससे बुलिश कप एंड हैंडल पैटर्न की पुष्टि हुई है, जिसका अनुमानित लक्ष्य करीब 400 अंकों का है। मौजूदा स्तर बने रहने पर निफ्टी के 26,500-26,600 की ओर बढ़ने की संभावना बनती है।

ब्रॉडर मार्केट में निफ्टी 500 इंडेक्स पर हेड एंड शोल्डर्स ब्रेकआउट देखने को मिला है, जो 24,000 के आसपास से 24,500 से ऊपर के स्तर की ओर आगे की तेजी का संकेत देता है।
निकट अवधि में निफ्टी के लिए 26,100 एक अहम सपोर्ट बना हुआ है। इसके नीचे क्लोजिंग होने पर तेजी की संरचना कमजोर पड़ सकती है। जब तक रेजिस्टेंस के ऊपर स्पष्ट फॉलो-थ्रू नहीं मिलता, तब तक चुनिंदा और स्टॉक-विशेष रणनीति अपनाना बेहतर रहेगा।


बैंक निफ्टी आउटलुक

बैंक निफ्टी ने 60,000 के स्तर के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट दिया है, जिससे शॉर्ट-टर्म मोमेंटम में सुधार के संकेत मिले हैं। हालांकि, अब इंडेक्स 61,000-61,500 के दायरे में स्थित दीर्घकालिक राइजिंग ट्रेंडलाइन रेजिस्टेंस के करीब पहुंच गया है।
यह क्षेत्र निकट अवधि में सप्लाई जोन के रूप में काम कर सकता है, जिससे कंसोलिडेशन या मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है। 59,500-59,700 के ऊपर बने रहने तक ब्रेकआउट बरकरार माना जाएगा। 61,500 के ऊपर टिकाऊ मजबूती आने पर ही बैंक निफ्टी में अगले बड़े अपट्रेंड का रास्ता साफ होगा।

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