निगम परिषद की बैठक में कुछ पार्षदों ने मंत्री को मदारी की संज्ञा दी तो किसी ने कह दिया नौटंकीबाज

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के स्वच्छता अभियान पर अब भाजपाई मुखर होने लगे हैं। मंगलवार को निगम परिषद की बैठक में कुछ पार्षदों ने मंत्री को मदारी की संज्ञा दी तो किसी ने नौटंकीबाज कह दिया। पार्षद ब्रजेश गुप्ता ने कह दिया कि या तो मंत्री, विधायक सफाई कराने में अक्षम हैं या फिर मंत्री को झाड़ू लगाने और नाले साफ करने का शौक है। यदि शौक है तो वे अपने बंगले की ही झाड़ू लगा लिया करें। पार्षदों के कटाक्ष देख निगमायुक्त संदीप माकिन ने एक जरूरी बैठक में जाने की इजाजत मांगी तो सभापति राकेश माहौर ने पार्षदों की सहमति से आधा घंटे में ही बैठक 15 नवंबर तक के लिए ही स्थगित कर दी।

मौका देख निकले निगमायुक्त

पार्षद बलबीर सिंह तोमर ने कहा कि मदारी डुगडुगी लेकर आता है और तमाशा दिखाकर चला जाता है। अरे शहर में हजारों नाले हैं, उन सभी की सफाई करो। पार्षद दिनेश दीक्षित बोले कि कांग्रेस के तथाकथित एमएलए नालियों में घुस रहे हैं। पार्षद ब्रजेश गुप्ता ने ईको ग्रीन पर सवाल उठाए। आखिर निगमायुक्त को लगने लगा कि मंत्री का मुद्दा गरमाने लगा है तो उन्होंने कहा कि पिछले 15 दिन में शहर में सफाई दिखने लगी है।

ईको ग्रीन को पावर प्लांट लगाने की हिदायत दे दी है। कंपनी को यह आखिरी नोटिस है। इसके बाद अनुबंध खत्म कर दिया जाएगा। पार्षद कुछ कहते कि सभापति श्री माहौर ने कहा कि अयोध्या से जुड़े मामले को लेकर कलेक्टर, एसपी बैठक ले रहे हैं।

निगमायुक्त को भी उसमें जाना है। पार्षदों ने कहा कि जब निगमायुक्त ही नहीं रहेंगे तो बैठक ही स्थगित कर दो, आखिर साढ़े तीन बजे ही बैठक स्थगित कर दी। हालांकि निगमायुक्त सीधे बाल भवन पहुंचे और साढ़े पांच बजे तक अपने कक्ष में बैठकर कुछ पार्षदों, कांग्रेसी नेताओं और ठेकेदारों से चर्चा करते रहे।

विधायकों के भूमिपूजन पर आक्रोश

शहर में कई विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण क्षेत्रीय विधायक कर रहे हैं। इन कार्यक्रमों में सांसद व क्षेत्रीय पार्षदों को नहीं बुलाया जा रहा। इसे लेकर पार्षद आक्रोश जताते रहे हैं। पिछले दिनों विधायक प्रवीण पाठक ने कस्तूरबा चौराहा से चिरवाई तक सड़क निर्माण का भूमिपूजन किया।

इसमें सांसद विवेक शेजवलकर व क्षेत्रीय पार्षद सुरजीत सिंह भदौरिया को नहीं बुलाया। बैठक में श्री भदौरिया ने आपत्ति जताते हुए कहा कि सवा करोड़ की सड़क भाजपा सरकार के कार्यकाल में ही स्वीकृत हो गई थी। परिषद निर्णय ले चुकी है कि ऐसे कार्यों में पार्षद और सांसद को बुलाया जाए। पार्षद ने संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। पार्षद दिनेश दीक्षित ने भी उनका समर्थन किया। आखिर निगमायुक्त ने संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

होर्डिंग्स की जांच का बढ़ाया समय

निगम परिषद ने होर्डिंग्स घोटाले की जांच के लिए पार्षदों की समिति बनाई है। तमाम प्रयासों के बाद भी निगम अधिकारी जांच समिति को रिकार्ड नहीं दे रहे हैं। समिति ने इस पर आपत्ति जताई और जांच का समय बढ़ाने की मांग की। परिषद ने 15 दिन का समय बढ़ा दिया और निगमायुक्त ने रिकार्ड उपलब्ध कराने का अपर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव को निर्देश दिए। निगम की दुकानों के किराए व नामांतरण के मामले में भी निगम अधिकारी अब तक जानकारी नहीं दे सके। परिषद ने इस पर भी आपत्ति जताई।

सुबह मंत्री ने किया नाला साफ, कलेक्टर-एसपी को बुलाकर कराया निरीक्षण

मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने मंगलवार को भी अपना स्वच्छता अभियान जारी रखा। सुबह वे वार्ड 9 के चार शहर का नाका पहुंचे और फावड़ा मंगाकर नाला साफ करने लगे। उन्होंने कलेक्टर अनुराग चौधरी, एसपी नवनीत भसीन और निगमायुक्त संदीप को भी बुला लिया। मंत्री ने उन्हें नाला दिखाया और कहा कि शहर के इन हालातों में सभी को भागीदारी निभाना चाहिए। निगमायुक्त ने निगम अमले को बुलाया और नाला साफ कराया। उन्होंने कहा कि पूरे शहर में विशेष रूप से नालों की सफाई अभियान चलाएंगे।

अधिकारियों को क्षेत्र में घुमाया

मंत्री श्री तोमर अधिकारियों को लेकर क्षेत्र में समस्याएं दिखाने निकले। उन्होंने चार शहर का नाका से हजीरा तक जल्द सड़क निर्माण की बात कही। अस्थायी अतिक्रमण और बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। मंत्री ने रानीपुरा में कमलेश कुशवाह को घर बनाने के लिए 10 हजार रुपए की सहायता दी। निरीक्षण में कई बच्चे भी शामिल हो गए। यह देख कलेक्टर-एसपी ने कुछ बच्चों से पूछा कि वे क्या स्कूल नहीं गए।

बच्चों ने कहा कि पापा पर इतने पैसे नहीं हैं। मंत्री श्री तोमर ने कहा कि कोई बच्चा पैसे के अभाव में शिक्षा से वंचित नहीं होगा। कलेक्टर ने एसडीएम प्रदीप सिंह तोमर को निर्देश दिए कि वे बच्चों का स्कूल में दाखिला कराएं। उन्हें कॉपी, किताब, ड्रेस व अन्य सुविधाएं दिलाएं।

मंत्री ने भी बच्चों को अपनी ओर से 5-5 हजार देने की घोषणा की। कलेक्टर ने जिन चार बच्चों का एडमिशन कराने के लिए कहा उनमें इन्द्रानगर निवासी राजपाल पुत्र भोगीराम बघेल, प्रियांशु पुत्र सतीश भदौरिया, रानीपुरा निवासी रामेश्वर पुत्र बृजमोहन बाथम तथा लूटपुरा निवासी गौरव पुत्र रूप सिंह भदौरिया शामिल हैं।

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