नहीं थी दाल-सब्जी तो चावल में पानी मिलाकर खाता दिखा बच्चा

वीडियो में एक छोटा बच्चा दिखता है। उसके पास खाने को चावल तो हैं, लेकिन चावल के साथ दाल नहीं है। बच्चा फिर भी भूख मिटाने का तरीका निकाल लेता है। वह सबसे पहले अपनी थाली में चावल डालता है।
गरीबी जैसी चीज इंसान की जिंदगी का सबसे बड़ा दुख होती है। ये ऐसी बेड़ियां हैं जो न सिर्फ पेट पर असर डालती हैं बल्कि बचपन, सपनों और मासूमियत तक को निगल जाती हैं। आप और हम कई बार ये बातें किताबों या खबरों में पढ़ते रहते हैं, लेकिन जब ये सब आंखों के सामने दिखाई देता है तो दिल सच में टूट जाता है। आजकल सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही वीडियो छाया हुआ है, जिसे देख कोई भी इंसान अंदर से हिल जाएगा। आइए जानते हैं कि वीडियो में क्या दिखाया गया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
वीडियो में एक छोटा बच्चा दिखता है। उसके पास खाने को चावल तो हैं, लेकिन चावल के साथ दाल नहीं है। बच्चा फिर भी भूख मिटाने का तरीका निकाल लेता है। वह सबसे पहले अपनी थाली में चावल डालता है। आमतौर पर कोई भी इस वक्त चावल में दाल या सब्जी मिलाता, लेकिन इस बच्चे के पास न दाल है, न कोई और सब्जी। वो थाली में पानी डाल देता है। फिर उस पानी और चावल को अच्छे से मिला देता है। इसके बाद बच्चा थोड़ा नमक छिड़कता है और ऐसे खाता है जैसे यही उसका स्वादिष्ट भोजन हो।
वीडियो ने किया लोगों को भावुक
सबसे भावुक पल तो तब आता है, जब बच्चा सिर्फ खुद नहीं खाता बल्कि अपनी पास लेटी हुई मां को भी कौर खिलाता है। सोचिए इतनी छोटी उम्र में भी बच्चा अपने हिस्से का खाना बांटना जानता है। लेकिन अफसोस इस बात का है कि ये मजबूरी और गरीबी उसके बचपन से खेल रही है। ये नजारा सिर्फ पेट भरने की जद्दोजहद नहीं, बल्कि उस कड़वी हकीकत का आइना है जिसे हम सब अक्सर अनदेखा कर देते हैं। इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @jaani.r2z नाम के अकाउंट से अपलोड किया गया है। देखते ही देखते ये वीडियो आग की तरह फैल गया। अब तक इस पर 1.8 लाख से ज्यादा लोग लाइक कर चुके हैं और करीब 38 हजार लोग इसे शेयर भी कर चुके हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि इसने लाखों दिलों को छुआ है।
वीडियो पर लोगों ने दी ऐसी प्रतिक्रियाएं
वीडियो देखने वालों की प्रतिक्रियाएं भी दिल को छू लेने वाली हैं। एक यूजर ने लिखा कि “यार वीडियो बनाने वाले ने क्यों न खुद दोनों को खाना खिला दिया? दूसरों का दर्द दिखाने से बेहतर होता मदद कर दी जाती।” किसी और ने भगवान से प्रार्थना करते हुए लिखा, “हे प्रभु ऐसे गरीबों पर भी अपनी कृपा बरसाओ।” वहीं एक शख्स ने शायराना अंदाज में कमेंट किया, “लफ्ज बदलते हैं, लेकिन जज्बात वही रहते हैं। मां कहो या दुनिया, बात वही रहती है।”





