नहाय-खाय के साथ आज से शुरू होगा जीवित्पुत्रिका व्रत, नवमी तिथि को होगा पारण

लखनऊ। आज नहाय-खाय के साथ जीवित्पुत्रिका व्रत शुरू हो जाएगा। यह व्रत अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है। इसे जिउतिया या जितिया व्रत भी कहा जाता है। जीवित्पुत्रिका व्रत संतान की सुरक्षा, स्वास्थ्य, दीर्घायु, समृद्धि की मंगल कामना को पूर्ण करने वाला लोकपर्व है । जितिया पर्व तीन दिन तक मनाया जाता है।
सनातन परनोरा अनुसार सप्तमी तिथि को नहाय-खाय के बाद अष्टमी तिथि को महिलाएं संतान की सुरक्षा, स्वास्थ्य, दीर्घायु, समृद्धि की मंगल कामना को पूर्ण करने के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। इसके बाद नवमी तिथि अर्थात अगले दिन व्रत का पारण किया जाता है। जितिया व्रत इस साल गुरुवार को रखा जाएगा। आज मताएं नहाय-खाय की परंपरा के साथ पर्व की शुरुआत करेंगी।
जितिया व्रत में जीमूतवाहन की कुशा से निर्मित प्रतिमा को धूप-दीप, चावल, पुष्प आदि अर्पित किया जाता है और फिर पूजा करती है। इसके साथ ही मिट्टी तथा गाय के गोबर से चील व सियारिन की प्रतिमा बनाई जाती है, जिसके माथे पर लाल सिंदूर का टीका लगाया जाता है। पूजन संपन्न होने के बाद जिउतिया व्रत की कथा सुनी जाती है। जनश्रुतियों के अनुसार जो महिलाएं पुरे विधि-विधान से निष्ठापूर्वक कथा सुनकर ब्राह्मण को दान-दक्षिणा देती है, उन्हें पुत्र सुख व उनकी समृद्धि प्राप्त होती है।
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