नन दुष्कर्म कांड में आरोपित पूर्व बिशप के करीबी एंथनी केकरोड़ाें रुपये की रकम गायब करने वाले ASI पकड़े गए

 नन दुष्कर्म कांड में फंसे डाइओसी ऑफ जालंधर के पूर्व बिशप फ्रैंको मुलक्कल के करीबी फादर एंथनी के गायब 6.65 करोड़ रुपये मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। करोड़ों रुपये की रकम गायब करने के आरोपित पंजाब पुलिस के दो एएसआइ समुद्री रास्ते से विदेश भागने की तैयारी में थे। इस मामले में अब दोनों से पूछताछ के बाद बड़ा खुलासा हो सकता है।

समुद्री रास्‍ते में विदेश जाने की फिराक में केरल पहुंचे थे दानों एएसआइ

पिछले दिनों फादर एंथनी ने के घर से 9.66 करोड़ रुपये की नकदी बरामद करने का दावा किया था। बाद में फादर एंथनी ने प्रेस कांफ्रेंस कर पुलिस पर 6.65 करोड़ रुपये गायब करने का आरोप लगाया था। एंथनी ने कहा कि पुलिस ने उनके यहां से करीब 16.31 करोड़ रुपये बरामद किए थे।

बता दें कि फादर एंथनी नन दुष्कर्म कांड में फंसे डायओसी ऑफ जालंधर के पूर्व बिशप फ्रैंको मुलक्कल के करीबियों में रहे हैं। अगस्त 2018 में जब नन दुष्कर्म कांड में केरल पुलिस जालंधर जांच करने आई थी तब फादर एंथनी से भी फ्रैंको मुलक्कलको लेकर पूछताछ की गई थी। बताया जा रहा है कि फादर एंथनी को तत्कालीन बिशप फ्रैंको मुलक्कल का ‘आशीर्वाद’ हासिल था। आम तौर पर एक पादरी को कारोबारी गतिविधियों में शामिल होने की अनुमति नहीं होती है लेकिन फ्रैंको मुलक्कल की छत्रछाया में फादर एंथनी ने नियमों के विपरीत जाकर 40 करोड़ रुपये का किताबों का कारोबार खड़ा कर लिया।      

दोनों एएसआइ समुद्री रास्‍ते से विदेश भागने की ताक में केरल के कोच्चि शहर में छिपे थे। दोनों को बुधवार को केरल पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। 2 अप्रैल से लेकर वह अब तक कहां छिपते फिर रहे थे, इस बारे में पंजाब पुलिस की पूछताछ के बाद ही पता चलेगा। लेकिन अभी संभावना जताई जा रही है कि सभी नेशनल-इंटरनेशनल हवाई अड्डों पर उनका लुकआउट सर्कुलर जारी हो गया था, जिसके बाद वह हवाई रास्ते से कहीं नहीं जा सकते थे। इसलिए उन्होंने फरार होने के लिए समुद्री रास्ता अपनाने की कोशिश की लेकिन पकड़े गए।

माना जा रहा है कि दोनों एएसआइ की मोहाली कोर्ट से अग्रिम जमानत रिजेक्ट होने और हाईकोर्ट से भी जमानत की उम्मीद कम लगने की वजह से फरार होने की तैयारी में थे। उन पर दबाव इसलिए भी बढ़ गया था कि अब यह मामला सिर्फ पुलिस जांच तक सीमित नहीं रह गया था बल्कि 6.65 करोड़ कहां गए? इसको लेकर विपक्षी राजनीतिक दल राज्य की सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी पर भी सवाल उठाने लगे थे। कहा यह जा रहा था कि लूटा हुआ पैसा पार्टी फंड के तौर पर दिया गया है और इसका चुनाव में इस्तेमाल किया जाएगा।

 दोनों एएसआइ की गिरफ्तारी के बाद खन्ना पुलिस की नींद उड़ी 

पंजाब एकता पार्टी के प्रधान सुखपाल खैहरा ने जोर-शोर से यह मुद्दा उठाया था। जिसके बाद सरकार व पंजाब पुलिस पर भी दोनों को जल्द गिरफ्तार करने का दबाव था। दोनों एएसआइ की गिरफ्तारी के बाद खन्ना पुलिस की नींद उड़ गई है। दोनों किस-किस का नाम लेंगे, इसको लेकर गिरफ्तारी की खबर के बाद से ही अफसर एक-दूसरे से चर्चा में जुटे हुए हैं। खासकर, पूरी रेड टीम और फिर इसे नाके से बरामद करने का दावा करने वाले अफसरों में ज्यादा हड़कंप मचा हुआ है। एएसआइ जिसका भी नाम लेंगे, मामले की गंभीरता को देखते हुए वो सीधे एसआइटी के राडार पर आ जाएंगे। वहीं, इस मामले में अब तक खन्ना पुलिस के डीएसपी के साथ काउंटर इंटेलिजेंस व विजिलेंस के भी डीएसपी का नाम आ रहा था, जिसको लेकर भी इन दोनों से पूछताछ के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

फादर से केरल में तो नहीं करनी थी सेटिंग

माना जा रहा है कि जिसके बाद एसआइटी ने दोनों को पकडऩे के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था। चर्चा ये भी है कि दोनों एएसआइ केरल में किसी तरीके से फादर एंथनी से सेङ्क्षटग करने की फिराक में गए थे। चूंकि फादर एंथनी भी केरल के ही रहने वाले हैं, इसलिए संभव है कि वहां किसी तरीके से वो फादर को कुछ पैसा लौटा पूरे मामले को ठंडा कराने की कोशिश कर रहे थे लेकिन इसमें वो कामयाब नहीं हुए और फोन कॉल से उनकी लोकेशन ट्रेस हो गई या फिर उन्होंने जिसको कॉल किया, उसने आगे एसआइटी को मुखबिरी कर दी। इसलिए ऐसी कोशिश से पहले ही उन्हें पकड़ लिया गया। 

श्रीलंका भागने की थी तैयारी!

कोच्चि में जहां दोनों एएसआइ ठहरे थे, वहां से श्रीलंका नजदीक है। आशंका है कि कहीं कोच्चि पोर्ट से समुद्री रास्ते के जरिए इनकी श्रीलंका भागने की योजना तो नहीं थी, लेकिन अभी श्रीलंका में आतंकी हमले की वजह से काफी सख्ती है और वहां आने-जाने वालों को परमिशन देने के मामले में काफी सख्ती बरती जा रही है।

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 ”दोनों एएसआइ को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनसे कुछ सामान बरामद हुआ है लेकिन कैश की रिकवरी नहीं हुई है। दोनों को बुधवार को पंजाब पुलिस को सौंप दिया जाएगा।

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