नई स्टडी का दावा- पैरासिटामोल से बच्चे को नहीं है कोई खतरा

गर्भावस्था का समय हर महिला के लिए जितना खूबसूरत होता है, उतना ही नाजुक भी। इस दौरान हल्का सा बुखार या बदन दर्द होने पर भी मन में सबसे पहले यही डर आता है- “क्या दवा लेना मेरे आने वाले बच्चे के लिए सुरक्षित है?” पिछले कुछ समय से यह चिंता और बढ़ गई थी कि कहीं बुखार की सबसे आम दवा ‘पैरासिटामोल’ बच्चे के मानसिक विकास में बाधा तो नहीं डाल रही, लेकिन अब, विज्ञान ने इस डर को पूरी तरह से बेबुनियाद साबित कर दिया है। एक नई और विशाल स्टडी ने खुलासा किया है कि यह दवा मां और बच्चे दोनों के लिए सुरक्षित है।

‘द लैंसेट’ में प्रकाशित हुआ नया शोध

हाल ही में प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल “द लैंसेट ऑब्स्टेट्रिक्स, गायनेकोलाजी एंड विमेंस हेल्थ” में एक महत्वपूर्ण शोध प्रकाशित हुआ है। इस अध्ययन ने उन पुरानी आशंकाओं को खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि पैरासिटामोल लेने से बच्चे के मानसिक विकास पर असर पड़ता है। शोधकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि गर्भावस्था के दौरान इस दवा को लेने से बच्चे में आटिज्म (Autism), एडीएचडी (ADHD) या बौद्धिक दिव्यांगता का कोई जोखिम नहीं बढ़ता है।

43 शोधों की समीक्षा के बाद निकला निष्कर्ष

इस निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए ब्रिटेन की लिवरपूल यूनिवर्सिटी और यूरोप के अन्य संस्थानों के वैज्ञानिकों ने बहुत ही गहराई से जांच की है। उन्होंने कुल 43 अलग-अलग अध्ययनों की समीक्षा की। इसमें विशेष रूप से उन सटीक तरीकों का इस्तेमाल किया गया जहां भाई-बहनों के बीच तुलना की गई थी।

शोधकर्ताओं ने पाया कि जो बच्चे गर्भावस्था के दौरान पैरासिटामोल के संपर्क में आए, उनमें और जो नहीं आए, उनमें न्यूरोलॉजिकल विकास को लेकर कोई खास अंतर नहीं था। यह स्टडी इस बात की पुष्टि करती है कि अगर दवा का उपयोग निर्देशानुसार किया जाए, तो यह सुरक्षित है।

पुराने डर और असलियत का अंतर

सितंबर 2025 में अमेरिकी प्रशासन ने एक हेल्थ गाइडेंस जारी की थी, जिसमें पैरासिटामोल और आटिज्म के बीच संबंध होने की आशंका जताई गई थी। हालांकि, नई स्टडी ने यह साफ कर दिया है कि पुराने अध्ययनों में कुछ खामियां थीं।

शोधकर्ताओं के अनुसार, पहले जो जोखिम बताए गए थे, वे दरअसल दवा (पैरासिटामोल) की वजह से नहीं, बल्कि मां की बीमारी, बुखार, दर्द या आनुवंशिक कारणों की वजह से हो सकते थे। पुराने अध्ययन इन कारणों और दवा के असर के बीच सही से अंतर नहीं कर पाए थे।

बुखार और दर्द का इलाज है जरूरी

लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन के विशेषज्ञों ने इस स्टडी का समर्थन किया है। उनका कहना है कि गर्भावस्था में बुखार और इन्फेक्शन का इलाज न करना मां और भ्रूण दोनों के लिए ज्यादा खतरनाक हो सकता है।

ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता रुद्ररूप भट्टाचार्य ने भी इसे एक महत्वपूर्ण खोज बताया है। उनके मुताबिक, पैरासिटामोल बुखार और दर्द को रोकने का एक महत्वपूर्ण और सुरक्षित विकल्प बना हुआ है। इसलिए, जब भी चिकित्सकीय रूप से जरूरत हो, इसे बिना डर के लिया जा सकता है।

बुखार को न करें नजरअंदाज

गर्भावस्था में पैरासिटामोल लेने से बच्चे को आटिज्म या न्यूरोलॉजिकल विकार का खतरा नहीं होता।
यह निष्कर्ष 43 शोधों की समीक्षा के बाद निकाला गया है।
पुराने अध्ययनों में ‘मां की बीमारी’ को नजरअंदाज किया गया था, जिससे गलतफहमी फैली।
बुखार या दर्द को बिना इलाज के छोड़ना गर्भावस्था में ज्यादा जोखिम भरा हो सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button