देश में समुद्र की एक बूंद नहीं, लोन लेकर बना डाली दुनिया की सबसे बड़ी शिपिंग कंपनी

आज के समय में अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए हर देश अपना निर्यात बढ़ाना चाहता है। निर्यात बढ़ेगा तो विदेशी करेंसी आएगी और देश की ताकत बढ़ेगी। आयात और निर्यात अधिकतर समंदर के रास्ते से होते हैं। रिपोर्ट के अनुसार विश्व का 80 फीसदी ग्लोबल ट्रेड समुद्र के रास्ते होता है। इसमें समुद्री शिपिंग इंटरनेशनल कॉमर्स की रीढ़ बन गई है। हर साल लगभग 11 बिलियन टन सामान जहाजों से भेजा जाता है, जिसमें ज्यादातर कच्चा माल, खाना और तैयार प्रोडक्ट शामिल होते हैं।
इनके पीछे शिपिंग कंपनियों की बड़ी भूमिका होती है। अगर ये कंपनियां न हों तो इंटरनेशनल व्यापार में बाधा आ सकती है। ये कंपनियां एक देश से दूसरे देश को होने वाले आयात-निर्यात को सुगम बनाती है। आज के समय में दुनिया की सबसे बड़ी शिपिंग कंपनी मेडिटेरेनियन शिपिंग कंपनी (MSC) है। शिपिंग मार्केट में इसका 20 फीसदी से ज्यादा कब्जा है। पुतिन का रूस और ट्रंप का अमेरिका भी इसके क्लाइंट हैं।
इस कंपनी को बनाने वाली की कहानी बहुत दिलचस्प है। जिस शख्स ने दुनिया की सबसे बड़ी शिपिंग कंपनी को खड़ा किया वो कंपनी जहां रजिस्टर्ड है उस देश में समंदर की एक बूंद तक नहीं है। जिस देश में उस शख्स ने अपनी कंपनी का मुख्यालय बनाया वह लैंडलॉक्ड कंट्री है। यानी वह देश चारो ओर से जमीन से घिरा हुआ है। उस देश के एक भी कोने में समंदर नहीं है। फिर भी शख्स ने लोन लेकर दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी बना डाली। आइए जानते हैं कि आखिर कौन है वो शख्स।
कौन है वो शख्स जिसने बनाई दुनिया की सबसे बड़ी शिपिंग कंपनी
दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी मेडिटेरेनियन शिपिंग कंपनी (MSC) को बनाने वाले शख्स का नाम जियानलुइगी अपोंटे है। ये रहने वाला इटली के हैं। एक समुद्री कैप्टन भी रह चुके हैं और बैंकर भी। बतौर समुद्र कैप्टन इन्हें इस बात का इल्म था कि बिना शिपिंग के व्यापार नहीं हो सकता है। वहीं, से इन्हें शिपिंग सेक्टर में उतरने का आइडिया आया।
लोन लेकर बना डाली दुनिया की सबसे बड़ी शिपिंग कंपनी
1970 में जियानलुइगी अपोंटे ने अपनी पत्नी राफेला के साथ मिलकर ब्रसेल्स में एक छोटा सेकंड-हैंड जहाज, MV पेट्रीसिया खरीदकर Mediterranean Shipping Company की शुरुआत की थी। जियानलुइगी पहली बार राफेला से 1960 के दशक में इटली के काप्री द्वीप की यात्रा के दौरान मिले थे, जब वह एक शिप कैप्टन थे।
खास बात यह है कि जियानलुइगी अपोंटे ने लोन लेकर अपना बिजनेस शुरू किया था। उन्होंने जो जहाज खरीदा था उसकी कीमत बहुत थी। इसलिए उन्हें इसे खरीदने के लिए $200,000 का लोन लेना पड़ा था।
पहला जहाज खरीदकर जियानलुइगी ने शिपिंग सर्विस देना शुरू कर दी थी। उस समय वह इस सेकंड-हैंड जहाज की मदद से वह भूमध्य सागर और सोमालिया के सामान को आयात-निर्यात करने की सर्विस देते थे।
धीरे-धीरे करके सेकंड-हैंड जहाजों और कंटेनरीकरण के जरिए बढ़ते हुए, यह एक छोटे से ऑपरेशन से दुनिया की सबसे बड़ी कंटेनर लाइन बन गई।
Mediterranean Shipping 500 से ज्यादा बंदरगाहों पर देती है सर्विस
मेडिटेरेनियन शिपिंग कंपनी (MSC) दुनिया की सबसे बड़ी कंटेनर शिपिंग लाइन है, जो लगभग 900 जहाजों का एक बड़ा बेड़ा चलाती है, जिसकी क्षमता 6-7 मिलियन TEU से ज्यादा है। वे सालाना 300 से ज्यादा रूट पर लाखों कंटेनर भेजते हैं, जो दुनिया भर में 500 से ज्यादा बंदरगाहों को सर्विस देते हैं, साथ ही लॉजिस्टिक्स, एयर कार्गो और क्रूज सेवाएं भी देते हैं।
पुतिन के रूस और ट्रंप के अमेरिका में भी कंपनी की सर्विस
मेडिटेरेनियन शिपिंग कंपनी (MSC) दुनिया भर में काम करती है। यह ट्रंप के अमेरिका से लेकर पुतिन के रूस तक फैली हुई है। USA में इसकी बड़ी मौजूदगी है और रूस में इसकी सीमित सेवाएं जारी हैं। हालांकि, Mediterranean Shipping Company पूरे अमेरिका में ऑफिस और लॉजिस्टिक्स बनाए हुए हैं, लेकिन 2022 में प्रतिबंधों के कारण कंपनी ने रूस में अपना ऑपरेशन जरूरी खाने-पीने की चीजों, मेडिकल और मानवीय सामान तक सीमित कर दिया था।
Mediterranean Shipping Company के मालिक की कितनी नेट वर्थ
मेडिटेरेनियन शिपिंग कंपनी के मालिक Gianluigi Aponte की नेटवर्थ $41.4B है। भारतीय रुपये में यह 37,33,81,01,10,000 रुपये होगा। जियानलुइगी अपोंटे और उनकी पत्नी राफेला, दुनिया की सबसे बड़ी शिपिंग लाइन MSC में से प्रत्येक के पास 50% हिस्सेदारी है।
कहां स्थिति है मेडिटेरेनियन शिपिंग कंपनी का मुख्यालय
Mediterranean Shipping Company का मुख्यालय स्विट्जरलैंड में है। यह एक ऐसा देश है जो लैंडलॉक्ड है यानी इसके किसी भी कोने में समंदर नहीं है। स्विट्जरलैंड में मेडिटेरेनियन शिपिंग कंपनी का मुख्यालय होना इसलिए अजीब है। क्योंकि जिस देश में कोई समुद्र नहीं उस देश में दुनिया की सबसे बड़ी शिपिंग कंपनी है।





