दिल्ली में 2026 का पहला शीत दिवस दर्ज, उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और कोहरा

उत्तर भारत में भीषण ठंड और शीतलहर का प्रकोप जारी है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, और मध्य प्रदेश जैसे मैदानी राज्यों में घना कोहरा छाया हुआ है, जबकि कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में ताजा बर्फबारी हो रही है।
राष्ट्रीय राजधानी समेत उत्तरी भारत के कई हिस्सों में तापमान गिर गया, जहां साल का पहला ठंडा दिन दर्ज किया गया। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, शीत दिवस की स्थिति तब घोषित की जाती है जब अधिकतम तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस से 6.4 डिग्री सेल्सियस कम रहता है।
प्रमुख राज्यों के मौसम का हाल
दिल्ली-NCR: दिल्ली में आज साल के सबसे ठंडे दिनों में से एक दर्ज किया गया है। यहां अधिकतम तापमान 16°C से 18°C के बीच रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 7°C के आसपास बना हुआ है। मौसम विभाग ने घने कोहरे के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
उत्तर प्रदेश: यूपी के कई जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इटावा प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा जहाँ न्यूनतम तापमान 2.6°C दर्ज किया गया। वाराणसी और नोएडा जैसे शहरों में कोहरे और ठंड के कारण कक्षा 8 तक के स्कूल 10 जनवरी 2026 तक बंद कर दिए गए हैं।
मध्य प्रदेश: राज्य के कई जिलों में शीतलहर का असर है। ग्वालियर-चंबल संभाग सहित 16 जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है या समय बदला गया है। रात का तापमान कई हिस्सों में 5°C से 7°C तक गिर गया है।
पहाड़ी राज्य
कश्मीर: गुलमर्ग और पहलगाम जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी हो रही है। घाटी में तापमान शून्य से नीचे बना हुआ है।
हिमाचल और उत्तराखंड: शिमला, मनाली और बद्रीनाथ जैसे क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बर्फबारी का अनुमान है। उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में ‘ग्राउंड फ्रॉस्ट’ (पाला) की चेतावनी दी गई है, जो फसलों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
घने कोहरे के कारण उत्तर भारत की कई ट्रेनें और उड़ानें देरी से चल रही हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी यात्रा का स्टेटस चेक करें। भीषण ठंड को देखते हुए बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
दिल्ली एयरपोर्ट पर कोहरे का असर, 6 उड़ानें रद
राष्ट्रीय राजधानी में कड़ाके की ठंड के साथ घने कोहरे ने हवाई यातायात की रफ्तार पर लगाम लगा दी है। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (आइजीआइ) पर आज सुबह दृश्यता का स्तर बेहद कम दर्ज किया गया, जिससे विमानों के संचालन में भारी बाधा आई।
आंकड़ों के मुताबिक, मौसम की मार के कारण मंगलवार को कुल 6 उड़ानें रद की गई और 150 से अधिक विमान अपने निर्धारित समय से देरी से संचालित हुई।





