दिल्ली पुलिस ने किया साइबर क्राइम सिंडिकेट का खुलासा, चीन से सीधे जुड़े तार

दिल्ली पुलिस पूर्वी जिले के स्पेशल स्टाफ ने चीन से सीधे जुड़े साइबर क्राइम सिंडिकेट का खुलासा किया है। पुलिस ने गाजियाबाद, बदायूं, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली और महाराष्ट्र में छापेमारी कर आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी चीनी साइबर ठगों को म्यूल अकाउंट उपलब्ध करते थे। चीनी नागरिक अलग-अलग प्लेटफॉर्म से ठगी की रकम को क्रिप्टो करेंसी में बदलकर विदेश ले जा रहे थे।
पकड़े गए आरोपियों में शालीमार गार्डन गाजियाबाद के वसीम मलिक (25), इसके भाई तोसीन मलिक (29), दिल्ली से साबिर (36), कोतवाली बदायूं से फुरकान उर्फ डॉ. शीनू (24), ज्यंतीपुर मुरादाबाद से साहेबे आलम (25), रामपुर से मो. जावेद (30), ओल्ड सिटी बरेली से मो. रजा कादरी (35) और महाराष्ट्र से नूर मोहम्मद (24) शामिल हैं।
इनके पास से 4.70 लाख रुपये कैश, 14 मोबाइल फोन, 20 सिम कार्ड, 85 म्यूल अकाउंट, 7 बैंक डेबिट कार्ड मिले हैं। बैंक खातों की पड़ताल से पता चला है कि आरोपियों ने पिछले कुछ दिनों के भीतर इन बैंक खातों में 15 करोड़ से ज्यादा की लेनदेन हुई है। इन बैंक खातों से 600 अधिक साइबर ठगी की शिकायतें लिंक हुई है।
तीसरी लेयर के आरोपी चीन में बैठे हैं
पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त अभिषेक धानिया ने बताया कि पुलिस ने पहली और और दूसरी लेयर में गिरफ्तारी कर इन आठ आरोपियों को दबोचा है। तीसरी लेयर के आरोपी चीन में मौजूद हैं। भारत में इनके गिरोह के सदस्य कहां-कहां है, इसका पता लगाया जा रहा है। पकड़े गए आरोपियों को रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने मयूर विहार के एक निजी बैंक खाते की पड़ताल की तो पता चला कि बैंक में तमिलनाडु की महिला स्वर्ण सुंदरी से ठगी के छह हजार रुपये इस खाते में आए हैं। पांडव नगर थाने में एक मामला दर्ज कर इसकी जांच शुरू की गई। खाता मो. वसीम मलिक के नाम मिला।
बाद में वसीम के नाम से चार म्यूल बैंक खाते मिले, जिनसे 39 शिकायतें लिंक हुईं। सबसे पहले पुलिस ने वसीम को दबोचा। उससे पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके भाई तोसीन मलिक को भी गिरफ्तार कर लिया। तोसीन ने भी चार म्यूल बैंक अकाउंट खोलकर इसे रजा कादरी को दिए थे। टीम ने एक-एक कर बाकी छह आरोपियों को यूपी में छापेमारी कर दबोचा।





