दिल्ली की नई ईवी नीति में इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारें हो सकती हैं सस्ती

दिल्ली सरकार की नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) पॉलिसी 2.0 के तहत राजधानी में इलेक्ट्रिक और मजबूत हाइब्रिड कारों की कीमतों में कमी आ सकती है। अधिकारियों के अनुसार, सरकार नई नीति के तहत इलेक्ट्रिक कारों के साथ-साथ स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड और प्लग-इन हाइब्रिड वाहनों को भी प्रोत्साहन देने की योजना पर विचार कर रही है। यह लाभ उन वाहनों को दिया जा सकता है जिनकी एक्स-शोरूम कीमत 20 लाख रुपये तक होगी।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा ईवी नीति में ई-रिक्शा, इलेक्ट्रिक दोपहिया और तीनपहिया वाहनों को मिलने वाली रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट को नई नीति में इलेक्ट्रिक कारों और मजबूत हाइब्रिड वाहनों तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य पेट्रोल और डीजल वाहनों की जगह अधिक लोगों को कम उत्सर्जन वाले वाहनों की ओर आकर्षित करना है, जिससे वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम किया जा सके।
अधिकारियों के अनुसार, कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद नई नीति को वित्त वर्ष 2026-27 से लागू किया जा सकता है। नीति के तहत यह भी तय किया जाएगा कि सब्सिडी कितने वाहनों पर लागू होगी और इसकी अवधि एक वर्ष होगी या उससे अधिक। नई नीति में महिलाओं को इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन अपनाने के लिए भी प्रोत्साहन देने का प्रस्ताव है।
इसके तहत 10 हजार महिला निवासियों को इलेक्ट्रिक दोपहिया खरीदने पर 12 हजार रुपये प्रति किलोवाट घंटा के हिसाब से अधिकतम 36 हजार रुपये तक की सब्सिडी देने की योजना पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा हल्के मालवाहक इलेक्ट्रिक वाहनों को भी बढ़ावा देने की योजना है।
प्रस्ताव है कि कुछ श्रेणी के इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहनों को कुछ सड़कों पर नो-एंट्री समय की पाबंदियों से छूट दी जा सकती है। सरकार कुछ इलाकों को स्पेशल मोबिलिटी जोन के रूप में विकसित करने की संभावना भी देख रही है, जहां केवल इलेक्ट्रिक वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति होगी।
ऐसे क्षेत्र पर्यटन स्थलों, अस्पतालों और विरासत स्थलों के आसपास बनाए जा सकते हैं ताकि वायु और ध्वनि प्रदूषण को कम किया जा सके। मौजूदा समय ईवी नीति अगस्त 2020 में लागू हुई थी और इसकी अवधि कई बार बढ़ाई जा चुकी है। यह नीति इसी महीने समाप्त होने वाली है, जिसके बाद सरकार नई ईवी नीति लागू करने की तैयारी में है।





