दिल्ली-एनसीआर की कई इलाकों में इस समय बादल छाये हैं और बारिश होने के आसार….

हरियाणा के नूंह में बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। बताया जा रहा है कि दिल्ली-एनसीआर की कई इलाकों में इस समय बादल छाये हैं और बारिश होने के आसार हैं। बादल की वजह से लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली है। मौसम विभाग के मुताबिक अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री रहने का अनुमान है। आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी।
वहीं शनिवार को दिन भर मौसम सामान्य रहा। हल्की धूप निकली, लेकिन हवा चलने की वजह से गर्मी ने ज्यादा परेशान नहीं किया। शनिवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम 26.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। हवा में नमी का अधिकतम स्तर 87 फीसद और न्यूनतम स्तर 26 फीसद दर्ज हुआ।
शनिवार को दिल्ली के कई क्षेत्रों में मौसम कुछ देर के लिए सुहावना हो गया। इंडिया गेट और आसपास के इलाके में मौसम ने करवट ली और देखते ही देखते बादल घुमड़ आए। यहां मौजूद युवा बादलों को देख रोमांचित हो उठे। हालांकि कुछ देर बाद बादल बिन बारिश के ही यहां से रवाना हो गए। हालांकि एक दिन पहले शुक्रवार को दिल्ली के कई क्षेत्रों में मानसूनी बारिश हुई थी। यहां तक कि दक्षिण दिल्ली में कई जगह जलभराव भी हुआ था।
गिर गया है प्रदूषण का स्तर
पृथ्वी विज्ञान मंत्रलय के प्रोजेक्ट सफर में शनिवार को पीएम 2.5 का औसत स्तर 33 माइक्रो ग्राम क्यूबिक मीटर (एमजीसीएम) दर्ज हुआ। इसका नॉर्मल स्तर 60 एमजीसीएम होता है। रविवार को यह 37 एमजीसीएम तक पहुंचेगा।
स्काईमेट के मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत ने बताया कि दिल्ली में अब मौसम की स्थिति बदल रही है। बारिश की वजह से हवा में मौजूद प्रदूषित कण कम दर्ज हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसे में प्रदूषण के स्तर में और कमी देखने को मिल सकती है।
लुटियंस जोन में होगा जल संग्रहण
नगर निगम 60 जगहों पर वर्षा जल संग्रहण यंत्र लगवाएगा। इससे लुटियंस जोन में बरसात का पानी बर्बाद नहीं होगा। एनडीएमसी ने पूरी योजना तैयार कर ली है और उन सड़कों व जगहों की तलाश कर ली है, जहां ये वर्षा जल संग्रहण सयंत्र लगाए जाएंगे। योजना शुरू करने के लिए केंद्रीय भूजल नियंत्रण बोर्ड से स्वीकृति मिलने का इंतजार है। स्वीकृति मिलते ही एनडीएमसी वर्षा जल संग्रहण सयंत्र लगाने का काम शुरू कर देगा।
एनडीएमसी के चेयरमैन नरेश कुमार ने बताया कि 237 स्थानों पर पहले से वर्षा जल संग्रहण की सुविधा है। अब निगम सरकारी इमारतों के साथ ही अन्य स्थानों पर भी वर्षा जल का संरक्षण कर भूजल को रिचार्ज करेगा करेगा। 60 स्थानों पर जल संग्रहण सयंत्र लगाए जाने हैं। प्रत्येक संयंत्र की क्षमता 20 घन मीटर संग्रहण की होगी। योजना पर चार करोड़ 80 लाख रुपये खर्च आएगा। एक सयंत्र के निर्माण में आठ लाख रुपये खर्च होंगे।





