तेल के खेल में फंसा वेनेजुएला? अमेरिकी ऑपरेशन के बाद राजधानी काराकास में सन्नाटा

अमेरिका की एक अचानक सैन्य कार्रवाई में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मदुरो और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी के ठीक एक दिन बाद राजधानी काराकास में रविवार को अजीब सी शांति दिखी। सड़कों पर गाड़ियां बेहद कम थीं, ज्यादातर दुकानें, पेट्रोल पंप और अन्य व्यवसाय बंद रहे। लोगों में अनिश्चितता और डर साफ महसूस किया गया।

काराकास में आम दिनों में चहल-पहल रहती है, लेकिन रविवार को हालात बिल्कुल उलट दिखे। समाचार एजेंसियों के मुताबिक, राष्ट्रपति मदुरो और उनकी पत्नी पर न्यूयॉर्क में नार्को-टेररिज्म के आरोप लगे हैं। इस बड़े घटनाक्रम के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका अब वेनेजुएला चलाएगा।

वेनेजुएला में छाई शांति

वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को देश की शीर्ष अदालत ने अंतरिम राष्ट्रपति घोषित किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, फिलहाल उन्हे अमेरिका का समर्थन हासिल है। यह फैसला संविधान के तहत लिया गया है, लेकिन देश में आगे क्या होगा इसे लेकर आम लोग पूरी तरह असमंजस में हैं।

शनिवार तड़के अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद हालात अलग थे। उस दिन दुकानों और पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी गई, क्योंकि लोग किसी बड़े संकट की आशंका में जरूरी सामान जमा कर रहे थे। रविवार को तनाव कम दिखा, लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। आमतौर पर जॉगिंग और साइकिल चलाने वालों से भरी सड़कें खाली रहीं।

समर्थन के लिए अमेरिका की शर्त

राजधानी से बाहर ला ग्वाइरा इलाके में अमेरिकी हमलों के निशान साफ दिखे। कई घरों की दीवारों में छेद थे और लोग मलबा साफ करते नजर आए। कुछ जगहों पर विस्फोटों से इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं।

पूर्वी काराकास के एक गरीब इलाके में 66 वर्षीय निर्माण मजदूर डैनियल ने बताया कि चर्च में सुबह की प्रार्थना नहीं हुई। उनके मुताबिक, लोग इसलिए घरों में बंद हैं क्योंकि उन्हें डर है कि मदुरो के जाने का जश्न मनाने पर सरकार की ओर से कार्रवाई हो सकती है।

इस बीच अमेरिका ने कहा है कि वह वेनेजुएला के मौजूदा नेतृत्व के साथ काम करने को तैयार है, बशर्ते वे सही फैसले ले। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि अमेरिका नेताओं के कदमों को देखकर ही अगला फैसला करेगा। रूबियो ने चेतावनी दी कि अगर सही फैसले नहीं लिए गए तो अमेरिका के पास दबाव बनाने के कई तरीके मौजूद हैं।

तेल का है सारा खेल

तेल इस पूरे संकट का अहम पहलू है। वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा ज्ञात तेल भंडार है, हालांकि इसका बड़ा हिस्सा अभी इस्तेमाल में नहीं है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी कंपनियां वहां तेल निकालेगी जिसे मदुरो और पिछली सरकारें इस्तेमाल नहीं कर पाई।

इसी बीच, वेनेजुएला की सरकारी तेल कंपनी PDVSA ने कुछ संयुक्त परियोजनाओं से कच्चे तेल का उत्पादन घटाने को कहा है। अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित टैंकरों की नाकाबंदी और दो तेल खेपों की जब्ती के बाद तेल निर्यात लगभग ठप हो गया है और भंडारण बढ़ता जा रहा है।

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