तीन साल बाद दाल 100 रुपये के पार

आयात पर प्रतिबंध और कमजोर फसल की आहट से तीन साल बाद अरहर व उड़द दाल के दाम 100 रु. प्रतिकिलो के पार निकल गए हैं। अरहर की पुखराज दाल 95-102 रु. तक उड़द दाल 115-120 रु. तक बिक रही है।
इसके साथ ही चना और छोला भी महंगा हो गया। इसके पहले अगस्त 2017 में अरहर की दाल 100-120 रु. प्रतिकिलो थी। बाजार के जानकार कहते हैं कि दालों के दाम में तेजी आने का एक कारण यह भी है कि जो दाल सरकार ने आयात की थी उसकी गुणवत्ता काफी खराब होने की वजह से वह बाजार का रुख नहीं कर पा रही है। दाल के महीने भर में दोगुना हो गए दाम.
एक महीने के अन्दर ही अरहर और उड़द दाल के दाम लगभग दो गुना बढ़ गए। थोक बाजार में अप्रैल के आखिरी सप्ताह में जो अरहर की पुखराज दाल 70 रु. में बिक रही थी, वह मई के पहले सप्ताह में 89 रु. तक पहुंच गई। वहीं अरहर की सूरजमुखी 68 रु. से बढ़कर 87 रु. और डायमंड 46 रु. से बढ़कर 66 रु. प्रतिकिलो तक पहुंच गई। फतेहगंज के फुटकर व्यापारी मुकेश अग्रवाल ने कह कि मौजूदा समय में सूरजमुखी 95-102 रु., पुखराज 88 रु. और डायमंड 85 रु. प्रतिकिलो बिक रही है। हरी उड़द का दाम 110-120 रु. प्रतिकिलो हो गया।





