मुस्लिमों को कोसने वाले ट्रंप पहले विदेशी दौरे पर क्यों पहुंचे अरब देश…?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का शनिवार से सऊदी अरब का दौरा दो मायने में आलोचकों के निशाने पर आ गया है। ट्रंप मुसलमानों को न सिर्फ सबसे ज्यादा कोसने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति हैं बल्कि अपने चुनाव प्रचार के दौरान 11 सितंबर के आतंकी हमलों में सऊदी के कुछ मुसलमानों का भी हाथ बता चुके हैं। दूसरी तरफ, उन्होंने सऊदी के साथ 110 अरब डॉलर का हथियार सौदा करके सबको चौंका दिया है।
ट्रंप पहले विदेशी दौरे पर क्यों पहुंचे अरब देश
राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनकी पहली विदेश यात्रा है। उनकी इस यात्रा का लक्ष्य क्षेत्र में आतंकवाद को खत्म करने के लिए इस्लामिक देशों से मजबूत साझेदारी बनाना है। ट्रंप ने शुक्रवार रात को एयर फोर्स वन से रियाद के लिए उड़ान भरी थी और शनिवार को रियाद हवाईअड्डे पर उतरते ही सऊदी के किंग सलमान ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया।
ट्रंप ने अपने चिरपरिचित अंदाज में किंग सलमान से हाथ मिलाया। सऊदी अरब या किसी मुस्लिम बहुल देश की यात्रा पर आने वाले ट्रंप पहले अमेरिकी राष्ट्रपति हैं और पहले दिन ही दोनों देशों के बीच कुल 380 अरब डॉलर का समझौता हुआ। इस दौरान सऊदी अरब के शाह
सलमान ने ट्रंप को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से भी सम्मानित किया।

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अपने राष्ट्रपति चुनाव अभियान और राष्ट्रपति बनने के बाद मुस्लिम विरोधी अभियान के कारण पूरी दुनिया में निंदा के पात्र बने ट्रंप की इस यात्रा ने मुस्लिम बहुल इस क्षेत्र के लिए सम्मान दर्शाता है। ट्रंप यहां दो दिन रुकेंगे और 50 से ज्यादा इस्लामिक देशों के नेताओं से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वे उनसे आतंकवाद और आईएस के खात्मे के लिए इस्लामिक देशों को एकजुट करने की कोशिश करेंगे। साथ ही अफगानिस्तान और पाकिस्तान में तालिबानी और आईएस आतंकियों के खिलाफ एक ठोस रणनीति पर भी विचार-विमर्श करेंगे।
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