टॉप बिजनेस न्यूज: फ्री नहीं होते बैंकों के ऑफर्स , बैंक ऐसे काटते हैं आपकी जेब, इन चार्जेस के बारे में नहीं जानते होंगे आप

बैंक अपनी ज्यादातर सभी सर्विस के लिए आपसे चार्ज करते हैं। मोबाइल अलर्ट, डेबिट कार्ड पिन, अकाउंट स्टेटमेंट, न्यूनतम बैलेंस, ट्रांजेक्शन डिकलाइन या एटीएम का पिन रिजनरेट करने पर भी बैंक आपसे फीस चार्ज करते हैं। ये चार्ज आपके बैंक अकाउंट से लिया जाता है। ज्यादातर सभी बैंक सेफ्टी और फ्रॉड से बचने के लिए मोबाइल अलर्ट भेजते हैं लेकिन इन मोबाइल अलर्ट के लिए बैंक फीस चार्ज करते हैं। आइए जानते हैं बैंको के ऐसे ही चार्जेस के बारे में..

 

मोबाइल अलर्ट पर लगता है चार्ज 
हर एक डेबिट और क्रेडिट कार्ड ट्रांजेक्शन होने पर बैंक एसएमएस भेजता है। ये मोबाइल अलर्स सेफ्टी के तौर पर भेजे जाते हैं लेकिन क्या आपको पता है कि बैंक आपसे इसके लिए कितने चार्जेस लेता है। पंजाब नेशनल बैंक और एसबीआई जैसे बैंक मोबाइल अलर्ट के लिए 15 रुपए और जीएसटी चार्ज करती है। ज्यादातर सभी बैंक मोबाइल अलर्ट का 15 से 18 रुपए तक महीना चार्ज करती है। अगर आपका सैलरी अकाउंट होता है तो यह फीस नहीं लगती। 

 

डेबिट कार्ड 
डेबिट कार्ड पर बैंक जारी करने पर 150 रुपये से लेकर 700 रुपये तक चार्ज करते हैं। इसके अलावा टैक्स भी लगता है। सभी बैंक डेबिट कार्ड पर सालाना मेंटनेंस चार्ज लेते हैं। हालांकि, बेसिक डेबिट कार्ड पर बैंक 100 से 200 रुपये प्लस टैक्स चार्ज करते हैं। कार्ड रिप्लेस करने पर 200 रुपये प्लस टैक्स चार्ज करते हैं। 

अकाउंट स्टेटमेंट 

एक तय सीमा के बाद डुप्लिकेट अकाउंट स्टेटमेंट मांगने पर कई बैंक प्रति 40 एंट्री 100 रुपये तक चार्ज करते हैं।

एटीएम चार्जेस 

अपने एटीएम से महीने में पांच बार निकालने पर कोई चार्ज नहीं है। अन्य बैंक के एटीएप पर 3 बार पैसे निकालने पर कोई चार्ज नहीं है। इस लिमिट के बाद कैश निकालने पर हर बार पैसे निकालने पर 20 रुपये चार्ज देना पड़ता है। डेबिट कार्ड की पिन जनरेट करने पर भी बैंक 25 रुपये से लेकर 50 रुपये तक चार्ज लगता है।

ट्रांजेक्शन डिकलाइन 

अगर आपका ट्रांजेक्शन डेबिट कार्ड स्वाइप करने पर अकाउंट में पैसे नहीं होने से डिकलाइन होता है, तो बैंक इस पर पेनल्टी लगातै हैं। ज्यादातर बैंक 25 रुपये तक चार्ज करते हैं। फंड्स नहीं होने पर चेक बाउंस होता है तो 500 रुपये तक बैंक चार्ज करते हैं। अगर किसी और कारण से बैंक बाउंस होता है तो बैंक 50 रुपये चार्ज करते हैं। 

अकाउंट में कम बैलेंस

सैलरी अकाउंट के अलावा अन्य तरह के बैंक अकाउंट में न्यूनतम बैलेंस बनाकर रखना पड़ता है। न्यूनतम बैलेंस नहीं बनाने पर बैंक चार्ज करते हैं। ये चार्ज अलग-अलग बैंकों का अलग-अलग है। यहां आपको एसबीआई के चार्जेस के बारे में बता रहे हैं।  

खातों के आधार पर अलग-अलग लिमिट

एसबीआई के सभी तरह के खातों में न्यूनम राशि बनाए रखनी पड़ती है लेकिन ये अलग-अलग अकाउंट कि लिए अलग-अलग होती है। एसबीआई के मेट्रो, शहरी, अर्ध शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की शाखाओं के लिए न्यूनतम राशि के लिए सीमा अलग है। हालांकि, सैलेरी अकाउंट पर न्यूतम बैलेंस बनाए रखने की बाध्यता नहीं होती।

न्यूनतम बैलेंस
मेट्रो और शहरी ब्रांच में न्यूनतम बैलेंस – 3000 रुपये
अर्ध शहरी ब्रांच में न्यूनतम बैलेंस – 2000 रुपये
ग्रामीण क्षेत्र की ब्रांच – 1000 रुपये

शहरों में न्यूनतम बैलेंस नहीं रखने पर लगने वाला चार्ज 
बैलेंस की कमी                   न्यूनतम बैलेंस न रखने पर चार्ज
50% से कम                     10 रुपये + जीएसटी (GST)
50-75%                         12रुपये + जीएसटी
75% से अधिक                 15 रुपये + जीएसटी

अर्ध-शहरी शहरों में न्यूनतम बैलेंस नहीं रखने पर लगने वाला चार्ज 
बैलेंस की कमी                  न्यूनतम बैलेंस न रखने पर चार्ज
50% से कम                    7.5 रुपये + जीएसटी
50-75%                        10 रुपये + जीएसटी
75% से अधिक                12 रुपये + जीएसटी

ग्रामीण एसबीआई ब्रांच में न्यूनतम बैलेंस नहीं रखने पर लगने वाला चार्ज 
बैलेंस की कमी                 न्यूनतम बैलेंस न रखने पर चार्ज
50% से कम                   5 रुपये + जीएसटी
50-75%                      7.5 रुपये + जीएसटी
75% से अधिक                10 रुपये + जीएसटी

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