शिक्षकों से टीडीएस कटौती, तो रिटर्न में गायब

कानपुर : कानपुर देहात के बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में टीडीएस (स्त्रोत पर कर कटौती) मामले में भारी गड़बड़ी सामने आई है। आयकर आयुक्त (टीडीएस) विवेक मिश्र और अपर आयकर आयुक्त मनीष कुमार मिश्र के निर्देश पर अधिकारियों की टीम ने देहात बीएसए कार्यालय में दिन भर जांच की।टीडीएस

 

जांच में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य तो यही था कि जो भी कटौती की जाए उसे आयकर अधिनियम की धारा 26 एएस के तहत रिटर्न में भी दिखना चाहिए किंतु देहात बीएसए कार्यालय से संबद्ध करीब छह हजार शिक्षकों के वेतन से की गई कटौती रिटर्न में नहीं दिखती है। आयकर (टीडीएस) विभाग में इस तरह की बहुत सी शिकायतें पहुंच रही थीं जिनके आधार पर टीम बुधवार को देहात के मुख्यालय माती स्थित बीएसए कार्यालय में पहुंची। उपायुक्त (टीडीएस) मीनू सिंह की अगुवाई में निरीक्षक अनुराग वाजपेयी, एसके निगम, पीएन कमलवंशी, शहनवाज हुसैन आदि ने कार्यालय पहुंच कर बीएसए पवन कुमार तिवारी और लेखा अधिकारी चरन मधुकर शुक्ला से शिकायतों के बारे में पूछताछ की।

इस तरह की शिकायतें मिलीं

øø बच्चों की स्कूली ट्यूशन फीस पर ही आयकर से छूट प्राप्त होती है किंतु शिक्षकों ने काकादेव में इंजीनिय¨रग की तैयारी कराने वाले कोचिंग संचालकों की फीस रसीद ही लगा कर छूट प्राप्त कर ली।

øø एक शिक्षक ने जमीन की खरीद में लगने वाले स्टाम्प और रजिस्ट्रेशन शुल्क की फोटोकापी लगा कर छूट प्राप्त कर ली।

øø एक अन्य शिक्षक ने वर्ष 2010 में जमा की गई एलआइसी प्रीमियम की रसीद की फोटो कापी लगा दी और लेखा विभाग ने उसी पर छूट दे दी।

दो सौ रुपये रोज पेनाल्टी का प्रावधान

टीडीएस की कटौती न करने या करने के बाद उसे आयकर विभाग के खाते में न जमा करने पर दो सौ रुपये रोज पेनाल्टी का प्रावधान है। पेनाल्टी में यह राशि अथवा काटे गए टीडीएस के बराबर पेनाल्टी लगाई जा सकती है।

टीडीएस एप को करें डाउनलोड

विभागों को टीडीएस कटौती का विवरण एप को डाउनलोड कर भरना चाहिए किंतु देहात बीएसए कार्यालय में मैनुअल भरा जा रहा है।

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