झारखण्ड चुनाव: रुझानों में बीजेपी को बहुत बड़ा झटका, जानें कौन कितने पर आगे

झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 के लिए आज नतीजों का दिन है। झारखंड विधानसभा की 81 सीटों पर हुए मतदान के आज परिणाम आएंगे, जिसके लिए सुबह आठ बजे से वोटों की गिनती शुरू हो गई है। आज के नतीजों से यह साफ हो जाएगा राज्य में एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी या कांग्रेस गठबंधन की सरकार होगी।

आज के नतीजों पर सबसे ज्यादा नजर इसिलए भी है क्योंकि कम से कम तीन एग्जिट पोल में कांग्रेस-जेएमएम-राजद गठबंधन को ज्यादा सीटें दिखाई गईं हैं। गौरतलब है कि झारखंड विधानसभा की 81 सीटों के लिए पांच चरणों में मतदान 30 नवंबर से 20 दिसंबर तक हुआ था। सभी सीटों के लिए ईवीएम में बंद मतों की गणना सोमवार आनी आज 8 बजे से होगी।  झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 के लिए 24 जिला मुख्यालयों में गिनती सुबह 8 बजे से ही शुरू हो गई। मतगणना का अधिकतम दौर चतरा में 28 राउंड और सबसे कम दो राउंड चंदनकियारी और तोरपा सीटों पर होगा। उम्मीद की जा रही है कि दोपहर तक परिणाम आने शुरू हो जाएंगे।

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चुनाव में सबसे प्रमुख उम्मीदवार मुख्यमंत्री रघुबर दास, उनके पूर्ववर्ती हेमंत सोरेन, अखिल झारखंड छात्र संघ के अध्यक्ष सुदेश महतो और झारखंड विकास मोर्चा के बाबूलाल मरांडी हैं। जिनके किस्मत का आज फैसला होना है। चुनाव प्रचार के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस गठबंधन ने मतदाताओं को लुभाने की भरपूर कोशिश की। राज्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष व केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अलग-अलग नौ रैलियां हुई थीं।

मतगणना के दिन जिस सीट पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी, वह है जमशेदपुर पूर्वी सीट। मुख्यमंत्री रघुवर दास वर्ष 1995 से यहां से जीतते आ रहे हैं। उनके खिलाफ उनके पूर्व-कैबिनेट सहयोगी सरयू राय मैदान में हैं। राय ने पार्टी से टिकट कटने के बाद बगावत कर मुख्यमंत्री की राह का कांटा बनने का फैसला किया। अन्य महत्वपूर्ण सीटें हैं-दुमका और बरेट, जहां से झारखंड मुक्ति मोर्टा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन चुनाव लड़ रहे हैं। दुमका में वह समाज कल्याण मंत्री लुइस मरांडी के खिलाफ मैदान में हैं। 

झारखंड में एग्जिट पोल ने संभावित चुनाव नतीजों की तस्वीर भी पेश कर दी है। जहां दो एग्जिट पोल में राज्य में त्रिशंकु विधानसभा के आसार दिख रहे हैं वहीं अधिकतर एग्जिट पोल में भाजपा पिछड़ रही है तथा झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन न सिर्फ आगे है बल्कि स्पष्ट रूप से सरकार बनाता हुआ दिख रहा है। 

विधानसभा चुनाव 2014 में भाजपा और आजसू गठबंधन को 42 सीटों पर जीत मिली थी, इस बार आजसू नेता सुरेश महतो ने अकेले दम पर चुनाव मैदान में उतरने का फैसला लिया था। महतो को 2014 में रांची लोकसभा सीट पर पराजय का सामना करना पड़ा था। बाद में 2018 में सिल्ली में उनको झारखंड मुक्ति मोर्चा के एक उम्मीदवार से हार का सामना करना पड़ा था। 

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