बुनियादी ढांचे में बढ़ाया जाएगा निवेश :जेटली

arun_jaitley_web_2016531_153317_31_05_2016टोक्यो। जापान के निवेशकों को भारत में पैसा लगाने का न्योता देते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगवार को ढांचागत और बाजार के अनुकूल अतिरिक्त सुधारों का वादा किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास दर को मौजूदा 7.6 फीसदी से भी तेज करने के लिए बुनियादी ढांचे में निवेश बढ़ाया जाएगा।

जेटली ने टैक्स ढांचे में भी सुधारों का वादा किया, ताकि इसे सरल, भरोसेमंद और टिकाऊ बनाया जा सके। जेटली निक्केई इंक की ओर से आयोजित सम्मेलन ‘द फ्यूचर ऑफ एशिया’ को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि दुनियाभर में मंदी जैसे हालात के बावजूद पिछले 2 वर्षों में भारत सबसे तेज रफ्तार बड़ी अर्थव्यवस्था रहा है।

निवेश आकर्षित करने के लिए 6 दिन की जापान यात्रा पर आए जेटली ने कहा, ‘पिछले दो वर्षों में हमारी आर्थिक विकास दर 7.2 प्रतिशत और 7.6 प्रतिशत रही है। उस वैश्विक मंदी के विपरीत यह दर हासिल की गई है, जिसने भारत में व्यापार पर गहरा असर डाला है।’ वित्त मंत्री ने कहा कि लगातार दो साल खराब मॉनसून और निजी क्षेत्र की कुछ दिक्कतों के बावजूद भारत बेहतर प्रदर्शन करने में सफल रहा है।

इन पर खास जोर

  • अधिक से अधिक ढांचागत सुधार
  • बाजार के अनुकूल ज्यादा सुधार
  • ढांचागत जरूरतों में खर्च बढ़ाना
  • ग्रामीण इलाके और सामाजिक सुरक्षा

जीएसटी संसद के मॉनसून सत्र में

जेटली ने भरोसा जताया कि लंबे समय से अटका वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक संसद के मॉनसून सत्र में पारित हो जाएगा। उन्होंने कहा, ‘लगभग हर राजनीतिक दल इसका समर्थन कर रहा है।’ वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी विधेयक संसद के निचले सदन यानी लोकसभा में पहले ही पारित हो चुका है। यह संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा में लंबित है, जहां सरकार के पास बहुमत नहीं है। उन्होंने कहा, ‘लेकिन मुझे इसको लेकर उम्मीद है क्योंकि बड़ी संख्या में राजनीतिक दलों, लगभग हर राजनीतिक दल, ने इसका समर्थन किया है।’ कांग्रेस का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि एक दल को कुछ प्रावधानों पर हैं। हम उनसे बात करके पक्का करने की कोशिश कर रहे हैं कि वे भी इस पर सहमत किया जाएं।’

चीन में मंदी, भारत के लिए मौका

जेटली ने कहा कि चीन की अर्थव्यवस्था सुस्त पड़ने के बीच दुनिया अब आर्थिक वृद्घि के लिए दूसरे सहारे की तरफ देख रही है और बुनियादी ढांचे में निवेश की योजनाओं के साथ भारत इस लिहाज से दुनिया का शक्तिशाली इंजन बन सकता है।

वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान कुल वैश्विक वृद्घि में चीन ने लगभग 50 प्रतिशत योगदान किया है। चीन की अर्थव्यवस्था में नरमी के बीच वृद्घि में उतने प्रतिशत तक का भार उठाने की चीन की क्षमता शायद न रहे, लिहाजा दुनिया अब आर्थिक वृद्घि तेज करने के लिए दूसरे कंधों की ओर देख रही है। जेटली ने कहा, ‘चूंकि हमारे यहां बुनियादी ढांचा काफी कम है और खर्च अभी होना है, मुझे लगता कि इन सबसे भारत आर्थिक वृद्घि का शक्तिशाली इंजन बनने जा रहा है।’

जेटली ने कहा कि चीन ने भारत से पहले बहुत तेज गति से बढ़ना शुरू किया जिसकी बदौलत उसने जीडीपी का ऊंचा स्तर बनाए रखा। लेकिन, मौजूदा सुस्ती का मतलब है कि यह अधिक खपत, सेवा केंद्रित अर्थव्यवस्था में बदलने के ढांचागत संक्रमण से गुजर रहा है। यही कारण है कि भारत की वृद्घि दर चीन से ऊंची हो गई, लेकिन चीन हमेशा एक प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा।

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