जालौन: ग्रामीणों का आरोप, ग्राम प्रधान ने हरिजन बस्ती को विकास से रखा वंचित

खर्रा जालौन। आजादी हमें आखिर किस चीज से मिली क्या हमें आजादी अंग्रेजों से चाहिए थी या भ्रष्टाचार से। आज भ्रष्टाचार प्रशासन के साथ शासन में रस्म और परंपरा की तरह इस प्रकार पनप रहा की अगर इसकी नापतोली की जाए तो शायद कुछ प्रतिशत ही विकास ईमानदारी शब्द के नाम या लोग मिले और भ्रष्टाचार की नापतोल की जाए तो तराजू वांट नाप तोली कम पड़ जाएगी और नापने वाले कम पड़ जाएंगे।

लेकिन विकास नाम का शब्द नहीं मिलेगा यह तो रही है, एक कहने वाली बात लेकिन आज भी ग्रामीण क्षेत्र में हरिजन बस्ती विकास से तो दूर है, साथ में उन्हें सरकार द्वारा चलाई जा रही योजना से वंचित रखने में ग्राम प्रधान बड़ी अच्छी भूमिका निभा रहे क्योंकि उसे जातिवाद से मतलब है,ना कि इस समाज सभी लोगों को भेदभाव को खत्म करने के साथ उन लोगो को भी सरकार द्वारा योजना का लाभ दिलाया जाए।

जिन्हें समाज अपना ऐसा नहीं मानता उन्हें जातिवाद के नाम पर बांट दिया जाता है। जो कभी उन्हें योजना से रूबरू नहीं हुए। ऐसे ही एक शर्मसार कर देने वाली घटना खर्र ग्राम से निकल के आ रही है, जहां पर ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर जातिवाद के नाम पर कई आरोप लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि हरिजन बस्ती को विकास से काफी दूर रखा और ग्राम प्रधान सिर्फ ऊंची जाति वालों के घरों के आसपास सफाई करवाता ओर उन्हीं को सरकार द्वारा आज आ रही योजना का लाभ दिला रहा।

ग्रामीणों ने कहा कि सरकार द्वारा आ रही योजना जैसे प्रधानमंत्री आवास, योजना शौचालय योजना का ग्राम में सिर्फ नाम सुनने को मिलता है, हमारी बस्ती में इस योजना नाम की कोई चीज आज तक आई नहीं। हमारी बस्ती की मुख्य मार्ग को दबंगों ने गोबर डालकर अवैध कब्जा कर लिया वहीं बीच गांव में ठेका बनाकर दबंगों ने प्रशासन को चुनौती दे डाली। और बिजली के तार घर से क्या जमीन से छूते हुए निकल रहे। आज तक उन्हें सही कराने की प्रशासन ने कोई सुध नहीं ली। मनरेगा में हम लोगों से काम तो कराया गया लेकिन आज तक मनरेगा से कोई मजदूरी नहीं मिली और जिन लोगों ने काम नहीं करा उन्हें मजदूरी मिली साथ में घर बैठे प्रधान जी चाय नाश्ता भी करा गए।

ग्रामीण माता प्रसाद कहना है कि ग्राम में दबंग सरकारी जमीन के साथ लोगों की जमीन पर अवैध कब्जे कर कर मकान बना रहे ग्राम प्रधान ने अपना संरक्षण दीजिए उनकी ऊपर कार्रवाई कराने की जगह प्रधान कभी गांव में झांकने तक नहीं आता और गांव में सड़कों की हालत सबसे बुरी है सफाई कराने के लिए आज तक ग्राम प्रधान ने कोई सुध नहीं ली शिकायत करते करते  हम लोग थक चुके ग्राम प्रधान सिर्फ भ्रष्टाचारी में लिप्त ग्राम ग्रामीणों को अपने बातों से तसल्ली दिला रहा ना कि काम करके।

ग्राम की महिला जेटली का कहना है कि प्रधान जी ने पेंशन बनाने के नाम पर शौचालय  देने के नाम पर पैसे तो ले लिए लेकिन ना तो आज हमें शौचालय मिला और ना ही हमारी पेंशन मिली हम अकेले हैं ना तो हमारा कोई लड़का है और ना ही पति आज तक ग्राम प्रधान ने हमें शौचालय दिलाने के लिए  कोई सुध नहीं ली। बताओ अब हम इस हाल में क्या करें।

ग्रामीण रवि का कहना है कि ग्राम प्रधान सिर्फ बड़े लोगों के घर के आस-पास ही सफाई करवाता है, ना कि छोटे लोगों के घरों के आसपास कई बार ग्राम प्रधान से कहीं की प्रधान जी हमारे मोहल्ले के भी साफ सफाई करा दिया करो लेकिन ग्राम प्रधान कहता है, ठीक है करा देंगे लेकिन आज तक लगभग 6 से 7 माह हो गए कोई सफाई नहीं कराई और उरई जालौन शिकायत भी की लेकिन आज तक शिकायत का कोई निस्तारण नहीं हुआ ग्राम प्रधान सिर्फ बड़े आदमियों के लिए ही ग्राम प्रधान बना और उनके दरवाजे ही साफ सफाई होगी ना हमें शौचालय मिला ना ही आवास हमारे छोटे-छोटे तीन बच्चे हैं बीवी हैं कच्चे मकान में रहते हैं कभी भी दिन कोई भी हादसा हो सकता है, लेकिन प्रशासन और ना ही ग्राम प्रधान कोई सुध ले रहा।

ग्रामीण अजय का कहना है कि आज भी हरिजन बस्ती विकास से कोसों दूर हैं और ग्राम प्रधान के संरक्षण में दबंगों ने बीच गांव हरिजन बस्ती के पास ठेका भी बना रखा है। आखिर हमारे समाज या हम लोगों के साथ भेदभाव क्यों हो रहा क्या सिर्फ ऊंची जाति वाले लोगों को ही इस समाज में जीने और योजना का लाभ मिल सकता है।कई बार ग्राम प्रधान से समस्याओं को लेकर अवगत कराया हमारी बस्ती की साफ सफाई करा दिया करें और हम लोगों को शौचालय आवास योजना का लाभ दिलाएं लेकिन ग्राम प्रधान सिर्फ अपनी जाति वालों के लिए ही प्रधान बना बैठा है। और आज तक उसने हम लोगों के लिए कोई विकास की कोई सुध नहीं ली।

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