जापान की सरकार ने दी यह बड़ी इजाजत, अब देश में किया जाएगा…

जापान में वैज्ञानिक देश में अपनी तरह के पहले अध्ययन के लिए इंसानी अंगों को जानवरों में विकसित करेंगे। इसके लिए उन्हें सरकार से इजाजत मिल गई है। अत्याधुनिक, लेकिन विवादास्पद इस शोध में शोधकर्ता मॉडीफाइड किए गए जानवरों के भ्रूण को इंसानों के स्टेम सेल्स के साथ आरोपित (इंप्लांट) करेंगे। इससे शरीर के किसी भी भाग के ब्लॉक्स बनाए जा सकेंगे।

हालांकि, अभी यह शुरुआती स्तर पर है और शोधकर्ताओं ने कहा कि भविष्य में बहुत लंबा रास्ता तय करना है। इसके बाद प्रत्यारोपण के लिए मानव अंगों को जानवरों के अंदर उगाया जा सकता है। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में जेनेटिक्स के प्रोफेसर हिरोमित्सु नकाउची के नेतृत्व में यह शोध किया गया है। जापान की सरकार ने जानवरों में मानव कोशिकाओं को प्रत्यारोपित करने के अपने नियमों में बदलाव के बाद शोधकर्ताओं को इसकी स्वीकृति दी, जो कि अपनी तरह का पहला प्रयास है।

नाकाची ने बताया कि इस प्रक्रिया में करीब 10 साल लग गए, लेकिन हम अब प्रयोग शुरू करने में सक्षम हैं। शोध में चूहे या सुअर में पशु भ्रूण पैदा करना शामिल है, जिनमें एक विशेष अंग जैसे अग्न्याशय की कमी होती है। संशोधित भ्रूण को फिर मानव आईपीएस कोशिकाओं के साथ प्रत्यारोपित किया जाता है जो कि लापता अग्न्याशय में विकसित हो सकते हैं।

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इसके बाद मॉडीफाइड भ्रूणों को इंसानी स्टेम सेल्स के साथ इंप्लांट किया जाएगा, जो उन जानवरों में नहीं मिलने वाले अग्नाशय को उगाएंगे। हालांकि, इसके लिए अभी लंबा रास्ता तय करना होगा। फिर भी प्रारंभिक शोध ने कुछ आशाजनक संकेत दिए हैं, जिसमें चूहों में चूहों के पेनक्रियाज की सफल वृद्धि शामिल है।

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