जानिए वायरल फीवर के लक्षण, और बचने के उपचार तक ये 10 बड़ी बातें

अक्सर मौसम में बदलाव, खान-पान में गड़बड़ी या फिर शारीरिक कमजोरी की वजह से वायरल फीवर होता है। वायरल फीवर हमारे इम्यून सिस्टम को कमजोर कर देता है, जिसकी वजह से वायरल के संक्रमण बहुत तेजी से एक इंसान से दूसरे इंसान तक पहुंच जाते हैं। आमतौर पर वायरल फीवर के लक्षण आम फीवर जैसे ही होते हैं लेकिन इसको नजर अंदाज करने पर व्यक्ति की हालत काफी गंभीर हो सकती है।
वायरल बुखार ठीक होने में 5-6 दिन भी लग जाते हैं। फीवर के शुरुआती तौर में गले में दर्द, थकान, खांसी जैसी समस्या होती है। जिसको नजरअंदाज करने पर इसका वायरस शरीर में आसानी से पनपने लगता है।बड़ों के साथ यह वायरल फीवर बच्चों में भी तेजी से फैलता है।
लक्षण-
-थकान
-मांसपेशियों या बदन में दर्द
-तेज बुखार
-खांसी
-जोड़ो में दर्द
-दस्त
-त्वचा पर लाल रैशेज
-सर्दी
-गले में दर्द
-सिर दर्द
-आंखों का लाल होना और माथे का बहुत तेज गर्म होना
-थकान
-मांसपेशियों या बदन में दर्द
-तेज बुखार
-खांसी
-जोड़ो में दर्द
-दस्त
-त्वचा पर लाल रैशेज
-सर्दी
-गले में दर्द
-सिर दर्द
-आंखों का लाल होना और माथे का बहुत तेज गर्म होना
मौसम बदलते ही इन बातों का रखें ध्यान-
-पानी पीना सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है।दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी का सेवन जरूर करना चाहिए। इसके अलावा डाइट में सूप,जूस,कॉफी को भी शामिल कर सकते हैं।
-सर्दी के मौसम में गुनगुने पानी से नहाएं और पानी में नहाने से पहले आधा कम सिरका इसमें डाल लें। दस मिनट इसे ऐसे ही रहने दें और नहा लें।
-लहसुन को खाने में जरूर शामिल करें, इसके अलावा जैतून के तेल में लहसुन की दो कलियां गर्म करके इस तेल से पैरों के तलों की मसाज करें।
-पानी पीना सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है।दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी का सेवन जरूर करना चाहिए। इसके अलावा डाइट में सूप,जूस,कॉफी को भी शामिल कर सकते हैं।
-सर्दी के मौसम में गुनगुने पानी से नहाएं और पानी में नहाने से पहले आधा कम सिरका इसमें डाल लें। दस मिनट इसे ऐसे ही रहने दें और नहा लें।
-लहसुन को खाने में जरूर शामिल करें, इसके अलावा जैतून के तेल में लहसुन की दो कलियां गर्म करके इस तेल से पैरों के तलों की मसाज करें।
घरेलू उपाय
-वायरल बुखार को ठीक करने के लिए सबसे पहले अदरक के साथ थोड़ी सी हल्दी, काली मिर्च और चीनी मिलाकर उसका काढ़ा बना लें। दिन में तीन से चार बार इस काढ़े को पीने से बुखार दूर होता है।
-एक ग्लास पानी में एक चम्मच साबुत धनिया डालकर उसे पकाएं। पक जाने पर कप में छानकर उसमें स्वादानुसार दूध और चीनी डाल लें। इसको पीने से आपका बुखार झट से गायब हो जाएगा।
-एक मुट्ठी तुलसी के पत्तों और एक चम्मच लौंग पाउडर को एक लीटर पानी में उबाल कर रख लें। इस पानी को हर 2 घंटे के अंतराल पर लें।
-रात को एक चम्मच मेथी के दाने भिगोकर रख दें। सुबह मेथी के दाने में नींबू का रस और शहद मिलाकर खाएं। बुखार ठीक हो जाएगा।
-वायरल बुखार को ठीक करने के लिए सबसे पहले अदरक के साथ थोड़ी सी हल्दी, काली मिर्च और चीनी मिलाकर उसका काढ़ा बना लें। दिन में तीन से चार बार इस काढ़े को पीने से बुखार दूर होता है।
-एक ग्लास पानी में एक चम्मच साबुत धनिया डालकर उसे पकाएं। पक जाने पर कप में छानकर उसमें स्वादानुसार दूध और चीनी डाल लें। इसको पीने से आपका बुखार झट से गायब हो जाएगा।
-एक मुट्ठी तुलसी के पत्तों और एक चम्मच लौंग पाउडर को एक लीटर पानी में उबाल कर रख लें। इस पानी को हर 2 घंटे के अंतराल पर लें।
-रात को एक चम्मच मेथी के दाने भिगोकर रख दें। सुबह मेथी के दाने में नींबू का रस और शहद मिलाकर खाएं। बुखार ठीक हो जाएगा।
नोट- वैसे तो इन घरेलू नुस्खों का कोई साइड इफेक्ट्स नहीं है फिर भी वायरल फीवर होने पर इन उपायों के साथ अपने चिकित्सक से भी सलाह जरूर ले लें।





