जानिए ‘डेटिंग’ न करने से महीने भर में कितनी हो सकती है बचत?

क्या आप भी ‘मिंगल’ होने के लिए बेताब हैं? जरा रुकिए! इससे पहले कि आप अपना दिल किसी को दें, एक नजर अपने वॉलेट पर डालिए। हम अक्सर सोचते हैं कि प्यार में सिर्फ दिल टूटता है, लेकिन सच्चाई यह है कि प्यार में दिल से ज्यादा तेजी से बैंक बैलेंस उड़ने लगता है।
फिल्मों में हीरो-हीरोइन का रोमांस हर किसी को लुभाता है, लेकिन असल जिन्दगी में एक कॉफी डेट भी कम से कम 500 रुपये का चूना लगा देती है। जी हां, जो लोग ‘बाबू-शोना’ के चक्कर में पड़े हैं, महीने की 25 तारीख तक उनकी जेब में सिर्फ हवा बचती है।
हंसिए मत! हम सच कह रहे हैं। अगर आप सिंगल हैं और अपनी किस्मत को कोस रहे हैं, तो अब खुश होने का समय है। यकीन मानिए, इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आप भी कैलकुलेटर लेकर बैठ जाएंगे, क्योंकि हमने साबित कर दिया है कि एक रिलेशनशिप आपकी जेब पर कितना भारी पड़ता है (Financial Benefits of Being Single)।
रिलेशनशिप का बजट
जब आप रिलेशनशिप में होते हैं, तो खर्चा सिर्फ ‘डेट’ का नहीं होता, बल्कि उसके आसपास की तैयारी का भी होता है। एक आम कपल का महीने का खर्चा कुछ ऐसा दिखता है:
वीकेंड डेट्स: अगर आप महीने में 4 बार भी बाहर खाना खाने या मूवी देखने जाते हैं, और एक बार का खर्च 1,500 रुपये भी मान लें, तो 6,000 रुपये तो यहीं चले गए।
गिफ्ट्स और सरप्राइज: कभी ‘मंथ-वर्सरी’, कभी बर्थडे, तो कभी किसी अचीवमेंट पर साथ मिलकर पार्टी करना। इसका खर्चा कम से कम 1,500 से 2,000 रुपये महीना मान लीजिए।
‘रूठने-मनाने’ का खर्च: रिलेशनशिप में झगड़े होना आम बात है। पार्टनर नाराज हो जाए, तो कई बार सिर्फ ‘सॉरी’ बोलने से काम नहीं चलता। अक्सर चॉकलेट, टेडी बियर या किसी सरप्राइज गिफ्ट के साथ माफी मांगनी पड़ती है। सिंगल लोगों की लाइफ में यह ड्रामा नहीं होता। अगर उनका मूड खराब है, तो वे चुपचाप सो जाते हैं।
आने-जाने का खर्च: एक-दूसरे से मिलने जाने का पेट्रोल या कैब का खर्चा भी कम नहीं होता। यह आसानी से 1,500 रुपये तक पहुंच जाता है।
ग्रूमिंग और कपड़े: डेट पर अच्छा दिखने के लिए नए कपड़े और सैलून का एक्स्ट्रा खर्चा। यह भी लगभग 1,000 रुपये है।
लेट नाइट ऑर्डर्स: जब आप देर रात तक जागकर पार्टनर से बातें करते हैं, तो भूख लगना तय है। ऐसे में, न चाहते हुए भी पिज्जा, बर्गर या आइसक्रीम के ऑनलाइन ऑर्डर हो ही जाते हैं। अकेले रहने वाले अक्सर समय पर सो जाते हैं, जिससे न केवल उनकी सेहत अच्छी रहती है, बल्कि रात के 2 बजे होने वाला खाने का फालतू खर्चा भी बच जाता है।
आपको चौंका देगा कुल बचत का आंकड़ा
अगर हम ऊपर दिए गए खर्चों को जोड़ें, तो एक रिलेशनशिप का औसत खर्च कम से कम 10,000 रुपये प्रति माह आता है। जी हां, दस हजार रुपये!
अब सोचिए, अगर आप सिंगल हैं, तो ये 10,000 रुपये सीधे आपकी बचत हैं। साल भर में यह रकम 1,20,000 रुपये होती है। इतने पैसों में आप एक शानदार आईफोन ले सकते हैं, दोस्तों के साथ गोवा या मनाली की ट्रिप पर जा सकते हैं, या फिर भविष्य के लिए एक तगड़ी SIP शुरू कर सकते हैं।
सिंगल रहना है ‘फाइनेंशियल स्ट्रैटेजी’
प्यार अपनी जगह बहुत खूबसूरत एहसास है और उसका कोई मोल नहीं होता, लेकिन अगर आप अभी सिंगल हैं, तो उदास होने की जरूरत नहीं है। इसे अकेलेपन के तौर पर न देखें, बल्कि इसे ‘फाइनेंशियल फ्रीडम’ के तौर पर देखें।
इसलिए, अगली बार जब आपका कोई दोस्त अपनी लव-स्टोरी सुनाए, तो आप मुस्कुराकर अपनी बैंक पासबुक देख सकते हैं। क्योंकि याद रखिए- दिल टूटने का रिस्क हो न हो, डेटिंग न करने पर बैंक बैलेंस कम होने का रिस्क न के बराबर है।





