जयपुर के आसमान में शौर्य और कौशल का प्रदर्शन, सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम दिखाएगी नौ-विमान एयर शो

जयपुर के आसमान में 20 और 22 फरवरी को रोमांच, अनुशासन और देशभक्ति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम जलमहल के ऊपर अपने नौ-विमान एरोबैटिक प्रदर्शन से दर्शकों को आकर्षित करेगी। भारतीय वायुसेना की इस टीम को उसका “ऐम्बेसडर” भी कहा जाता है।

हॉक Mk-132 जेट से सटीकता और साहस का प्रदर्शन
लाल और सफेद रंग के हॉक Mk-132 जेट विमानों पर उड़ान भरने वाली यह टीम अपनी सटीकता, समन्वय और साहसिक करतबों के लिए जानी जाती है। प्रदर्शन के दौरान लूप, तेज बैरल रोल, उलटी उड़ान और ‘डीएनए’ एरोबैटिक संरचना जैसे कौशल देखने को मिलेंगे। हर संरचना पायलटों की प्रशिक्षण क्षमता और टीमवर्क को दर्शाती है।

1996 में स्थापना, 800 से अधिक प्रदर्शन
वर्ष 1996 में स्थापित सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम एशिया की एकमात्र नौ-विमान एरोबैटिक टीम मानी जाती है और विश्व की चुनिंदा टीमों में शामिल है। यह टीम देश और विदेश में 800 से अधिक प्रदर्शन कर चुकी है। चीन, श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित अंतरराष्ट्रीय एयर शो में भी टीम ने भाग लिया है।

टीम संरचना और जयपुर से जुड़े पायलट
टीम में एचएएल द्वारा भारत में लाइसेंस प्राप्त निर्माण किए गए नौ हॉक Mk-132 विमान शामिल हैं, जो 5 मीटर से भी कम दूरी पर करीबी गठन में उड़ान भरते हैं। टीम में कुल 14 पायलट हैं। टीम लीडर ग्रुप कैप्टन अजय दसरथी और डेप्युटी लीडर विंग कमांडर तेजेश्वर सिंह हैं। टीम के तीन पायलट जयपुर से हैं, जिनमें विंग कमांडर राजेश काजला, विंग कमांडर अंकित वशिष्ठ और स्क्वाड्रन लीडर संजेश सिंह शामिल हैं।
 
स्वदेशी स्मोक पॉड्स से तिरंगी छटा
हाल ही में टीम के विमानों में स्वदेशी तकनीक से विकसित रंगीन धुआं छोड़ने वाले स्मोक पॉड्स लगाए गए हैं। इन्हें भारतीय वायुसेना के 11 बेस रिपेयर डिपो, नासिक में विकसित किया गया है। इनके माध्यम से प्रदर्शन के दौरान आसमान में केसरिया, सफेद और हरे रंग की तिरंगी छटा दिखाई देगी। “सदैव सर्वोत्कृष्ट” आदर्श वाक्य के साथ यह प्रदर्शन जयपुरवासियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनने की संभावना है।

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