जम्मू: सीएम उमर अब्दुल्ला आज पेश करेंगे आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट

विधानसभा सचिवालय के अनुसार, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सदन के पटल पर आर्थिक सर्वेक्षण रखेंगे। यह दस्तावेज आर्थिक मूल्यांकन के साथ ही छह फरवरी को प्रस्तुत होने वाले बजट की रूपरेखा तय करेगा।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला आज सदन में 2025-26 की आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। विधानसभा सचिवालय के अनुसार, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सदन के पटल पर आर्थिक सर्वेक्षण रखेंगे। यह दस्तावेज आर्थिक मूल्यांकन के साथ ही छह फरवरी को प्रस्तुत होने वाले बजट की रूपरेखा तय करेगा।

सरकार की दिशा और प्रदेश के आर्थिक हालात का अंदाजा भी रिपोर्ट आने के बाद लगाया जा सकेगा। सरकार की आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पर सबकी नजर रहेगी। सर्वेक्षण में विकास के रुझान, राजकोषीय स्थिति, रोजगार के आंकड़े और क्षेत्रीय प्रदर्शन की रूपरेखा सामने आएगी। रिपोर्ट में यह भी संकेत मिलेगा कि सरकार आने वाले साल में किस नीतिगत दिशा का पालन करना चाहती है।

विपक्ष के सदस्य इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि सरकार आर्थिक प्रदर्शन को कैसे पेश करती है। सर्वेक्षण रिपोर्ट में विकास और आर्थिक स्थिरीकरण पर सरकार के दावों की परीक्षा होने वाली है। विपक्षी दलों की डेटा में शामिल बेरोजगारी, निवेश प्रवाह, राजकोषीय घाटे और जमीनी स्तर पर विकास परियोजनाओं के वितरण पर नजर रहेगी।

बजट से ठीक एक दिन पहले आ रहे आर्थिक सर्वेक्षण ने इसके महत्व को बढ़ा दिया है। सदन में बजट पर बहस के दौरान सर्वेक्षण के निष्कर्षों का उपयोग सरकार के आर्थिक दृष्टिकोण का बचाव करने या उसे चुनौती देने में विधायक इसका इस्तेमाल करेंगे।

आर्थिक सर्वेक्षण के साथ, मुख्यमंत्री जम्मू और कश्मीर आनंद विवाह पंजीकरण नियम, 2023 भी पेश करेंगे, जो आनंद विवाह अधिनियम, 1909 के तहत एक वैधानिक आवश्यकता है। वीरवार को उपराज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा जारी रहेगी।

विधानसभा सत्र के बीच मंत्रिमंडल में बनी सहमति
प्रदेश सरकार ने बुधवार को विधानसभा सत्र के बाद देर शाम कैबिनेट बैठक की है। इस दौरान बजट में शामिल घोषणाओं और कल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा की गई है। मंत्रिमंडल की बैठक में बजट से जुड़े वित्तीय प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई है।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला छह फरवरी को बजट प्रस्तुत करेंगे। मंत्रिमंडल की बैठक में नेशनल कॉन्फ्रेंस के घोषणापत्र में शामिल किए गए वादों पर भी चर्चा हुई है और इन्हें बजट में शामिल करने पर सहमति बनी है।

सदन में उपराज्यपाल अभिभाषण प्रस्ताव के दौरान सामने आए सुझावों पर भी बैठक में चर्चा की गई है। इनमें से कुछ सुझावों को सरकार बजट का हिस्सा बना सकती है। इस दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बजट सकारात्मक पहलुओं पर मंत्रिमंडल के सदस्यों की राय ली है।

कैबिनेट में दिहाड़ीदारों के वेतन समेत सरकार के घोषणापत्र में शामिल वादों को पूरा करने की तरफ बढ़ रही है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कैबिनेट के सदस्यों के साथ सरकार की मौजूदा आर्थिक हालत और बजट के बाद होने वाले बदलाव पर बात की है।

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