जम्मू-कश्मीर: 22 हजार कश्मीरी पंडितों को मिलने लगा मुफ्त राशन

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) से जुड़े 22 हजार विस्थापित कश्मीरी पंडितों को मुफ्त राशन मिलना शुरू हो गया है। शनिवार को राहत एवं पुनर्वास आयुक्त डॉ. अरविंद कारवानी ने प्रवासी टाउनशिप जगती में पात्राें के बीच वितरण शुरू किया। उन्होंने विस्थापितों से अनुरोध किया है कि वह जल्द ई-केवाईसी पूर्ण कराएं ताकि सभी को मुफ्त राशन मिले।
केंद्र सरकार की मंशानुरूप पिछले दिनों जम्मू संभाग में रहने वाले विस्थापित कश्मीरी पंडितों की बायोमीट्रिक पहचान शुरू हुई थी। प्रवासी टाउनशिप जगती, नगरोटा, पुरखू और मुट्ठी समेत अन्य जगहों पर रहने वाले विस्थापितों के परिवार के एक-एक सदस्य की ई-केवाईसी की गई। परिवार का कोई सदस्य अगर प्रदेश से बाहर रहता है तो उसके बारे में परिजन से पूर्ण लिखित विवरण लिया गया।
शनिवार को राहत एवं पुनर्वास आयुक्त डॉ. अरविंद कारवानी के साथ खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले जम्मू के निदेशक राजेश कुमार शावन जगती टाउनशिप पहुंचे। करीब 150 लोगों को राशन सौंपा। परिवार के एक सदस्य को 11 किलो राशन दिया गया जिसमें नौ किलो चावल और दो किलो आटा शामिल है। साथ ही प्रति परिवार एक किलो चीनी मुफ्त में दी गई।





