जम्मू-कश्मीर में रसोई गैस की किल्लत: सिलिंडर की कमी से आमजन परेशान

जम्मू-कश्मीर में रसोई गैस की किल्लत बढ़ गई है, ट्रकों की कम आपूर्ति और हाईवे मरम्मत के कारण सिलिंडर समय पर नहीं पहुंच पा रहे। घरेलू सिलिंडर का व्यवसायिक उपयोग बढ़ने और प्रशासन की सख्ती के बावजूद ग्राहकों को लंबी कतारों में घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
रसोई गैस की बढ़ती किल्लत के बीच प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। रिफाइनरी से गैस की कम आपूर्ति और बॉटलिंग प्लांट से जम्मू-कश्मीर से ऑर्डर पर आने वाले ट्रकों की संख्या में कमी हो गई। एजेंसियों को ऑर्डर पर सिलिंडर नहीं मिल रहे।
गैस एजेंसियों को जहां पहले नियमित रूप से ट्रक मिलते थे अब उन्हें केवल एक या दो ट्रक ही मिल पा रहे हैं। कुछ क्षेत्रों में मांग को देखते हुए कम से कम 13 से 25 ट्रकों की आवश्यकता है, जबकि उपलब्धता मात्र 3 से 5 है। रिफाइनरी के अधिकारियों का तर्क है कि गुजरात के बंदरगाहों पर टैंकरों के आने में देरी हो रही जो जल्द ही सामान्य होगा। रसोई गैस को लेकर पर्याप्त सिलिंडर होने के प्रशासनिक दावों के बावजूद स्टाॅक न होने की बात करके एजेंसियों से ग्राहकों को लौटा दिया जा रहा है।
जम्मू संभाग को गैस की सप्लाई देने वाले बारी ब्राह्मणा (जम्मू), लालडू (पंजाब-हरियाणा बॉर्डर) और बठिंडा प्लांट से आने वाले ट्रकों की रफ्तार धीमी हो चुकी है। इसके दो प्रमुख कारण है जिसमें पहला बॉटलिंग प्लांट से कम आपूर्ति और खस्ताहाल जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर चल रहे मरम्मत कार्य। प्रदेश में आने वाले ट्रकों में समय अधिक लग रहा है।
कमर्शियल संस्थानों में घरेलू सिलिंडर का उपयोग
घरों में रसोई गैस सिलिंडर की समस्या न हो इसके लिए प्रशासन ने कामर्शियल सप्लाई रोक दी है। घरेलू सिलिंडर की कमी को देखते हुए खाने-पीने की दुकानों, ढाबा, रेस्टोरेंड और होटल से लेकर रेहड़ियों पर घरेलू रसोई गैस सिलिंडर का उपयोग होने लगा है। घरों में घरेलू गैस सिलिंडर की कमी और व्यवसायों में प्रयोग होने से समस्या गहराती जा रही है।
शनिवार गैस एजेंसियों के बाहर ग्राहकों की लंबी लाइनें देखने काे मिली। सरवाल में गैस सिलिंडर के आए रमेश ने बताया कि सुबह घर से निकले थे, 4 घंटे लाइन में लगने के बाद सिलिंडर मिल सका। पूरा दिन सिलिंडर लेने के चक्कर में टूट गया और ऑटो की दिहाड़ी नहीं लगी। उपभोक्ता विजय ने बताया कि पहले आनलाईन गैस बुक करवाई, फिर ओटीपी आया, उसके बाद एजेंसी से पर्ची प्राप्त किया। जानीपुर से अंबफला आकर सिलिंडर के लिए 4 से 5 घंटे लाइन में लगे रहना पड़ा।
उपायुक्त ने सिलिंडर की होम डिलीवरी में वीआईपी कल्चर खत्म करने का दिया निर्देश
रसोई गैस वितरण व्यवस्था में सुधार लाने के लिए शनिवार को डीसी डा. राकेश मिन्हास ने एलपीजी वितरकों और तेल विपणन कंपनियों के साथ समीक्षा बैठक की। वीआईपी कल्चर खत्म कर रसोई गैस सिलिंडर की होम डिलिवरी में पारदर्शिता के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि गैस वितरण में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीसी ने निर्देश दिए कि सभी वितरक निर्धारित आपूर्ति समय-सारिणी और नवीनतम दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि ने किसी भी उपभोक्ता को परेशानी नहीं होनी चाहिए। रसोई गैस सिलिंडर की वितरण व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी हो।
उन्होंने वितरकों को सख्त लहजे में कहा कि गैस एजेंसियों के बाहर अनावश्यक कतारें न लगें, क्योंकि इससे जनता को परेशानी होती है। जमीनी स्तर पर गड़बड़ियों को रोकने के लिए डीसी ने विशेष निगरानी टीमों के गठन किया। ये टीमें जिले भर में वितरकों के स्टॉक की क्रॉस-वेरिफिकेशन करेंगी और नियमों के पालन पर नजर रखेंगी। चेतावनी दी कि दोषी पाए जाने वाले वितरकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गैस एजेंसियों पर कालाबाजारी का आरोप
मिशन स्टेट हुड के अध्यक्ष सुनील डिंपल ने रसोई गैस सिलिंडर की कमी पर शनिवार को प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि एजेंसी वाले कमी का बहाना कर कालाबाजारी करने में जुट गए हैं। उन्होंने मंडलायुक्त और डीसी जम्मू को इस गड़बड़ी के बारे में जानकारी दी। डिंपल ने कहा कि रसोई गैस सिलिंडर की कमी का बहाना कर एजेंसी संचालक मनमानी में उतर आए हैं। आमजन को सिलिंडर नहीं मिल पा रहे हैं। डीसी व पुलिस के अधिकारियों से मांग की कि गैस एजेंसी संचालकों के गोदामों में छापेमारी की जाए। मौके पर राम कपूर, देव राज, विपिन, मुकेश, राकेश शर्मा, राजू राम कुमार दास आदि मौजूद थे।
मढ़ विधानसभा क्षेत्र में गहराया संकट
मढ़ विधानसभा क्षेत्र में रसोई गैस की कमी से जनजीवन प्रभावित होने लगा है। लोग खाली सिलिंडर लेकर एजेंसियों और गोदामों का चक्कर काटने को मजबूर हैं। घंटों लाइन में लगने के बाद भी मायूस लौटने को मजबूर होना पड़ा। गैस एजेंसी डीलरों का कहना है कि उन्हें भी कंपनी से सीमित स्टॉक ही मिल रहा है।
आपको रसोई गैस डिलीवरी समय से हो रही है या नहीं
हैलो…मैं एडीसी बोल रही हूं, आपकी गैस एजेंसी पर खड़ी हूं। बताइए, आपको रसोई गैस की डिलीवरी समय से हो रही है या नहीं। एडीसी अनसूया जम्वाल शनिवार को जब निरीक्षण के लिए निकलीं तो उन्होंने एजेंसी से ही उपभोक्ताओं को फोन लगाया और आपूर्ति की स्थिति को क्राॅस चेक किया। उन्होंने कहा कि इस कार्यवाही का उद्देश्य सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करना, जमाखोरी रोकना और उपभोक्ताओं को हो रही परेशानी को तत्काल दूर करना है। इस दौरान गुलमोहर एजेंसी के रिकार्ड अपडेट नहीं मिलने पर उसे एक दिन का समय दिया है और सोमवार को तलब किया है।
क्यों नहीं मेंटेन किया है रिकाॅर्ड, लाइसेंस जहां का वहां स्टोरेज नहीं मिला :
एडीसी जब गुलमोहर एजेंसी पहुंचीं वहां पर रिकार्ड पूरा नहीं मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। सिलिंडर की उपलब्धता, बुकिंग की स्थिति और रजिस्टर मेंटेन न होने नाराज हुईं। एक अन्य एजेंसी पर लाइसेंस की जांच हुई। यहां पर लाइसेंस किसी जगह का, स्टोरेज किसी जगह पर होने की बात सुनकर वे नाराज हुईं। उन्होंने कहा कि इसे तत्काल सही करें। उन्होंने स्टाॅक रजिस्टर दिखाने को कहा।
जहां पारदर्शी व्यवस्था मिली, उनकी पीठ भी थपथपाई:
कई एजेंसियों पर उन्हें रिकार्ड मेंटेन मिला, बुकिंग और गैस आवंटन का कोटा एकदम स्पष्ट तरीके से उल्लिखित था। इस पर एडीसी ने एजेंसी संचालकों की पीठ थपथपाई और सभी से इस तरह की पारदर्शिता बरतने को कहा।
पैनिक न फैलाएं…: एडीसी ने कहा कि उपभोक्ताओं को भी पैनिक करने की जरूरत नहीं है। प्रशासन उनके साथ है और उन्हें किसी तरह की दिक्कत होने नहीं दी जाएगी। थोड़ा सा धैर्य रखें। सिस्टम भी कहीं गड़बड़ नहीं है, एकाएक सभी बुकिंग करा रहे हैं, इस कारण सर्वर पर लोड बढ़ रहा है, लेकिन गैस सभी को समय पर मिलेगी।
सिलिंडर की कमी पर डोगरा फ्रंट का प्रदर्शन
रसोई गैस सिलिंडर की कमी के विरोध में शनिवार को डोगरा फ्रंट व शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने शहर में रैली निकालकर प्रदर्शन किया। फ्रंट के अध्यक्ष अशोक गुप्ता ने कहा कि प्रदेश में घरेलू व व्यवसायिक रसोई गैस सिलिंडर की कमी है। इसका वितरण बेहतर करने की जरूरत है।





