जब ट्रोल हुए मंत्रीः लोगों ने कहा- अरे यहां तो खाने के लाले पड़ रहे हैं’ ‘पटाखे कैसे जलाये सर

भोपाल। दिल्ली में पटाखों की बिक्री के बैन करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इस मुद्दे पर पूरे देश में बहस चल रही है। इस बीच मंगलवार को छत्तीसगढ़ सरकार ने भी अपने यहां तेज आवाज और खतरनाक रसायन वाले पटाखे बैन कर दिए। महाराष्ट्र में बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी रिहायशी इलाकों में पटाखे बेचने पर बैन वाला पिछले साल का आदेश दोबारा जारी कर दिया।

-इसके कुछ समय बाद ही मध्यप्रदेश के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह के एक ट्वीट ने इस मुद्दे को हवा दे दी। उन्होंने ट्वीट किया- मप्र में पटाखे जलाकर दिवाली मनाने की पूरी स्वतंत्रता है। उनका यह ट्वीट जबरदस्त तरीके से ट्रोल हुआ। कुछ लोगों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद की गई यह टिप्पणी उसका मजाक है। कुछ ने मंदसौर गोलीकांड को जोड़ते हुए भी गृहमंत्री पर निशाना साधा। इस बीच त्रिपुरा के राज्यपाल ने ट्वीट किया- अवॉर्ड वापसी गैंग हिंदुओं की चिता जलाने पर भी याचिका डाल देगी।
भूपेंद्र सिंह ने लिखा…
‘मध्यप्रदेश में पटाखे जलाकर उमंग, आवेग, उत्साह, जोश सहित प्रफुल्लता से दिवाली मनाएं। यहां पूरी स्वतंत्रता है। दिल्ली के मित्रों को भी आमंत्रित कीजिए। मप्र सरकार पूरे वर्ष पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करती है, किसी एक दिन नहीं।’ उन्होंने एक ट्वीट के जवाब में छत्तीसगढ़ के लोगों को भी मध्यप्रदेश में दिवाली मनाने का न्योता दिया।
‘मध्यप्रदेश में पटाखे जलाकर उमंग, आवेग, उत्साह, जोश सहित प्रफुल्लता से दिवाली मनाएं। यहां पूरी स्वतंत्रता है। दिल्ली के मित्रों को भी आमंत्रित कीजिए। मप्र सरकार पूरे वर्ष पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करती है, किसी एक दिन नहीं।’ उन्होंने एक ट्वीट के जवाब में छत्तीसगढ़ के लोगों को भी मध्यप्रदेश में दिवाली मनाने का न्योता दिया।
गृहमंत्री पर ऐसे बरसे ट्वीट…
सागर मगराडे :किसानों को भी दिवाली मनाने दीजिए। गृहमंत्री ने लिखा- किसानों की चिंता सरकार को है। इसका आपको प्रमाण दे रहा हूं। देखिए 8 अक्टूबर का कार्यक्रम। मगराडे: हमारे बैतूल जिले में सामान्य से कम बारिश हुई है, सोयाबीन की फसल खराब हो गई थी, सर्वे नही हुआ।
महेंद्र सिंह :मध्यप्रदेश के किसानों की मोटरसाइकिल तक बिजली विभाग ने जब्त कर ली है। क्या सरकारी नीतियों ने मध्यप्रदेश वासियों को दीपावली मनाने लायक छोड़ा है?
सुयोग दुबे :दिल्ली में कोर्ट ने आदेश दिया है, सरकार ने नहीं। कोर्ट का आदेश मानना हम सब का दायित्व है।
अनूप पटेल ताम्रकार : कैसे मनाएंगे दिवाली सर, लोगों की संविदा सेवा ही समाप्त कर दी।
प्रेमनारायण साहू :आदरणीय, मुंगावली मे 12 वर्षीय लड़की की लाश कुएं में मिली, अपराधी का पता नहीं चल सका। सख्त कार्रवाई की जाए जिससे ऐसी घटना दोबारा न हो।
सोनू शर्मा (सिंहस्थ होमगार्ड सैनिक) : पटाखे कैसे चलाएं श्रीमान, घर चलाने के तो लाले पड़ रहे हैं।
सिद्धार्थ मिश्रा :दिल्ली में भाजपा ने इस निर्णय का समर्थन किया है। यह कितना शर्मनाक है। ये ध्यान में रखिए कर्म किसी को छोड़ते नहीं, आप 2019 में वोट मांगने आओगे।
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पिछले साल दिवाली की रात तीन गुना बढ़ गया था वायु प्रदूषण
पटाखों के उपयोग को लेकर छिड़ी बहस के बीच मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा पिछले साल दर्ज हवा की मॉनिटरिंग रिपोर्ट एक बार फिर चर्चा में आ गई। पिछले साल दिवाली की रात भोपाल में वायु प्रदूषण का स्तर आम दिनों से दो से तीन गुना अधिक था। हालांकि यह 2015 से कम था।
पटाखों के उपयोग को लेकर छिड़ी बहस के बीच मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा पिछले साल दर्ज हवा की मॉनिटरिंग रिपोर्ट एक बार फिर चर्चा में आ गई। पिछले साल दिवाली की रात भोपाल में वायु प्रदूषण का स्तर आम दिनों से दो से तीन गुना अधिक था। हालांकि यह 2015 से कम था।





