छोटे तो छोटे, आखिर बड़े क्यों खेल रहे हैं ब्लू व्हेल गेम, हाईकोर्ट ने जताई हैरत

नई दिल्ली. दिल्ली हाईकोर्ट ने हैरत जताई है कि बच्चे तो बच्चे बड़े क्यों ब्लू गेम जैसे इंटरनेट गेम को खेल रहे हैं जिसमें एडमिनिस्ट्रेटर 50 दिन के गेम में खेलने वाले को अपने आप को चोट पहुंचाने का जिम्मा देता है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और जस्टिस सी हरीशंकर की बेंच ने बच्चों के ब्लू व्हेल गेम के दौरान खुदकुशी करने पर चिंता जाहिर की है। बेंच ने कहा कि अगर किसी वयस्क को टास्क दिया जाता है वह क्यों किसी इमारत से कूदेगा। हमें हैरत हो रही है कि बच्चे और बड़े क्यों ऐसा कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने हालांकि याचिका पर कोई आदेश जारी नहीं किया। याचिका में गूगल, फेसबुक और याहू जैसी कंपनियों से ब्लू व्हेल गेम का लिंक हटाने के निर्देश देने को कहा गया है।छोटे तो छोटे, आखिर बड़े क्यों खेल रहे हैं ब्लू व्हेल गेम, हाईकोर्ट ने जताई हैरत

बच्चों पर नजर रखें…

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने माता-पिताओं और स्कूल शिक्षकों से बच्चों पर नजर रखने को कहा है। आयोग का कहना है कि उनका असामान्य बर्ताव और चिड़चिड़ापन ब्लू व्हेल गेम जैसे इंटरनेट गेम खेलने का नतीजा हो सकता है। ऐसे में उनकी काउंसिलिंग की जरूरत हो सकती है।

नॉस्काम ने की गेम को खत्म करने की अपील

सॉफ्टवेयर और सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों के प्रमुख संगठन नेस्कॉम- ने ब्लू व्हेल गेम को लेकर सदस्य कंपनियों को एडवाइजरी जारी की है। उसने बच्चों को नुकसान पहुंचाने वाला गेम बंद करने को कहा है। महिला और बाल विकास मंत्रालय को स्कूलों के लिए अलर्ट जारी करना चाहिए।
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