छात्र अपहरण मामला: अपहरणकर्ताओं ने 50 लाख रुपए की फिरौती वसूलने के बाद छात्र को छोड़ा

जम्मू-कश्मीर में सांबा जिले के बाड़ी ब्राह्मणा के दस्सल गांव से अपहृत पांचवीं कक्षा का छात्र अनिरुद्ध शर्मा बुधवार को अपने घर आ गया। बताया जा रहा है कि अपहरणकर्ताओं ने 50 लाख रुपए की फिरौती वसूलने के बाद उसे छोड़ा है। पैसे लेकर अपराधी मौके पर सादी वर्दी में मौजूद पुलिस कर्मियों के सामने ही फरार हो गए। हालांकि पुलिस फिरौती अदा करने की बात स्वीकार नहीं कर रही है। 

 

अनिरुद्ध शर्मा को बुधवार सुबह परमंडल-उत्तर वहनी रोड स्थित कुल्लड़ गांव में सड़क किनारे सबसे पहले एक मौलवी ने देखा। वह नमाज पढ़कर लौट रहे थे। उन्होंने बच्चे को देखते ही पहचान लिया और पुलिस को जानकारी दी। फिर बच्चे को लेकर पुलिस सबसे पहले बाड़ी ब्राह्मणा थाने पहुंची। पूछताछ के बाद बच्चे को परिवार को सौंप दिया गया। 

बठिंडी में एक एएसआई के घर में रखा था बच्चे को
जानकारी के अनुसार, अनिरुद्ध जम्मू से बाहर गया ही नहीं था। अपराधियों ने सोमवार को अपहरण के बाद उसे बठिंडी में एक एएसआई के घर में रखा था। यह घर अनिरुद्ध के घर पर 15 दिन पहले किराएदार के रूप में रहने वाले संजय ने किराये पर लिया था। संजय भी अपहरणकर्ताओं में शामिल है। 

संजय गाड़ी चला रहा था
अनिरुद्ध ने पुलिस को बताया कि उसके घर में संजय नाम का युवक जो किराये पर रहता था। वो भी अपहरणकर्ताओं के साथ था। संजय गाड़ी चला रहा था और दो लोग उसके साथ बैठे हुए थे। एक ने उस पर बंदूक तान रखी थी। उन लोगों ने कहा कि चिल्लाया तो गोली मार देंगे। इसके बाद यह लोग चौआदी और वीरपुर के बीच होकर बठिंडी तक पहुंचे। यहां संजय ने एक एएसआई के घर पर कमरा किराए पर लिया था। एएसआई के भाई से कहा कि वह एडवांस और आईडी प्रूफ देगा। अनिरुद्ध  का कहना है कि आरोपी रस्सी के जरिए दीवार फांदकर घर में घुसे, ताकि किसी को पता नहीं चले। अनिरुद्ध के अनुसार 6 मई को संजय और दो अन्य लोग उसे लेकर घर में गए थे। वहां एक ही बंदा रहा था। जिसको वह नहीं जानता

पैसा मिलते ही बच्चे से कहा, लिफ्ट लेकर चले जाओ

बुधवार तड़के आरोपी ने बच्चे को एएसआई के घर के बाहर छोड़ दिया और कहा कि लिफ्ट लेकर चला जाए। बच्चा लिफ्ट लेकर कुल्लड़ गांव तक पहुंचा। यहां उसे एक मौलवी ने देखा और पुलिस को सूचित किया। जिस मकान में बच्चे को रखा गया था उसमें नीचे दुकानें थीं और ऊपर मकान बना हुआ था।

मंगलवार को हुई थी डील
मंगलवार की शाम अनिरुद्ध के पिता और अपहरणकर्ताओं के बीच बातचीत हुई थी। डील तय हुई कि उत्तर वहनी और परमंडल रोड पर पैसे लिए जाएंगे। अनिरुद्ध के पिता जोगिंदर पुलिस कर्मियों के साथ तय जगह पर पहुंचे। वहां रुपये से भरा बैग रखा गया। एक गाड़ी में दो युवक आए, पैसे चेक किए और बैग उठा ले गए। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की क्योंकि गाड़ी में बच्चा नहीं था। इसके बाद जोगिंदर की दोबारा बात हुई। आरोपियों ने कहा कि बच्चा सुरक्षित घर पहुंच जाएगा। जोगिंदर ने पुलिस से कहा कि वह कोई कार्रवाई न करें, जब तक बच्चा घर नहीं आ जाता। इसके चलते पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर सकी। 

पुलिस को गुमराह करने का प्लान बनाया
अपहरणकर्ताओं ने पुलिस को भी चकमा दे दिया। उन्होंने ऐसा प्लान तैयार किया कि पुलिस आगे-पीछे उलझी रही। आरोपियों ने अनिरुद्ध को इलाके के आसपास ही रखा। जानबूझकर उस वैन को लखनपुर में छोड़ दिया, जिसमें उसे अपहरण कर ले गए थे। उसमें बच्चे का स्कूल बैग भी छोड़ दिया ताकि यकीन हो जाए कि इसी गाड़ी में अपहरण किया गया था। एक आरोपी वहां वैन लेकर गया और वापस आ गया। आरोपियों में से कोई पंजाब चला गया तो कोई डोडा चला गया, ताकि पुलिस को गुमराह कर सकें।

मुख्य आरोपी अमृतसर में, जल्द ही किसी नतीजे पर पहुंचेंगे
डीआईजी सुजित कुमार का कहना है कि बस इतना ही बता पाएंगे कि छात्र बरामद कर लिया गया है। मुख्य आरोपी अभी अमृतसर में है। इस कांड में चार से पांच लोगों का ग्रुप है। जिनकी पहचान कर ली गई है। जल्द ही किसी नतीजे पर पहुंच जाएंगे।

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