चैत्र नवरात्र में किस दिशा में लगाएं मां दुर्गा की चौकी?

हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से चैत्र नवरात्र की शुरुआत होती है। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार नवरात्र की शुरुआत 19 मार्च से हो रही है। इस दौरान मां दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही जीवन में खुशियों के आगमन के लिए व्रत भी किया जाता है।

चैत्र नवरात्र के पहले दिन मां दुर्गा की चौकी लगाई जाती है। इस दौरान वास्तु के नियम का पालन जरूर करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि गलत दिशा में मां दुर्गा की चौकी लगाने से साधक पूजा के पूर्ण फल की प्राप्ति से वंचित रहता है। आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि किस दिशा में लगाएं मां दुर्गा की चौकी।

चौकी के लिए कौन-सी दिशा है शुभ?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, चैत्र नवरात्र में मां दुर्गा की चौकी के लिए उत्तर-पूर्व दिशा को बेहद शुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिशा में मां दुर्गा की चौकी लगाने से पूजा सफल होती है और साधक पर मां दुर्गा की कृपा बरसती है।

इसके अलावा उत्तर-पूर्व दिशा में भी मां दुर्गा की चौकी लगा सकते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस दिशा में चौकी लगाने से घर में सुख-शांति का वास होता है। साथ ही मां दुर्गा की कृपा से साधक की सभी मुरादें पूरी होती हैं।

इस दिशा में न लगाएं चौकी
वास्तु शास्त्र की मानें तो दक्षिण दिशा को यमराज की मानी जाती है। इसलिए इस दिशा में मां दुर्गा की चौकी न लगाएं। इस दिशा में चौकी लगाने से साधक को सुख-शांति और समृद्धि में बाधा का सामना करना पड़ सकता है।

इन बातों का रखें ध्यान
चौकी लगाते समय ध्यान रखें कि साधक का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रहे।
पूजा की सामग्री को चौकी पर रखें। नीचे न रखें।
चौकी पर लाल रंग का साफ कपड़ा बिछाएं, क्योंकि मां दुर्गा को लाल कपड़ा बेहद प्रिय है और लाल रंग को शक्ति का प्रतीक माना जाता है।
इसके अलावा कलश को मां दुर्गा की मूर्ति की प्रतिमा के दाईं तरफ स्थापित करना चाहिए।
मां दुर्गा की चौकी के आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
मां दुर्गा को विराजमान करने से पहले उस स्थान को गंगाजल का छिड़काव कर शुद्ध करें।

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